मुंबई, अमेरिका में कैद मुंबई हमले के दोषी तहव्वुर राणा को भारत को सौंपने का रास्ता साफ हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि 26/11 के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक राणा को भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा। इसे भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।
कौन है तहव्वुर राणा?
तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जिसने पाकिस्तानी सेना में एक दशक से अधिक समय तक डॉक्टर के रूप में काम किया। बाद में वह अमेरिका चला गया और शिकागो में इमीग्रेशन कंपनी खोल ली। इसी कंपनी के जरिए उसने मुंबई आतंकी हमले की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुंबई हमलों में तहव्वुर राणा की भूमिका
राणा को 26/11 हमले के मास्टरमाइंड डेविड हेडली का करीबी माना जाता है। उसने हेडली को भारत में हमले की तैयारी के लिए आर्थिक मदद दी और फर्जी पहचान के साथ उसकी आवाजाही सुनिश्चित की। हेडली ने राणा की मदद से मुंबई में पांच बार आकर विभिन्न ठिकानों की रेकी की थी।
कैसे रची गई हमले की साजिश?
शिकागो में अपनी इमीग्रेशन कंपनी के जरिए राणा ने हेडली को मुंबई में “फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज” नाम से ऑफिस खोलने में मदद की। इस कंपनी की आड़ में हेडली ने लश्कर-ए-तैयबा के लिए खुफिया जानकारी जुटाई और मुंबई के ताज, ओबेरॉय होटल और अन्य जगहों पर हमले की योजना बनाई।
2009 में अमेरिकी फेडरल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उसे डेनमार्क में आतंकी संगठनों को समर्थन देने के आरोप में 14 साल की सजा मिली, हालांकि मुंबई हमले के मामले में वह बरी हो गया था। अब भारत के अनुरोध पर उसका प्रत्यर्पण तय हो गया है, जिससे 166 निर्दोष लोगों की हत्या के लिए उसे भारतीय कानून के तहत सजा दिलाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।




