नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में नया आयकर विधेयक 2025 प्रस्तुत किया है, जो पिछले छह दशकों से प्रचलित जटिल और विवादास्पद आयकर कानूनों को सरल और पारदर्शी बनाने का प्रयास है। इस विधेयक के माध्यम से कर दाखिल करने की प्रक्रियाओं को आसान बनाने और करदाताओं के लिए इसे अधिक अनुकूल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या होंगे नए बदलाव?
‘टैक्स ईयर’ शब्द का इस्तेमाल होगा, जिससे फाइनेंशियल ईयर, प्रीवियस ईयर, असेसमेंट ईयर जैसे शब्दों की जगह ले ली जाएगी।
नए कानून में 536 सेक्शन, 16 अनुसूचियां और 23 चैप्टर्स होंगे, जबकि वर्तमान में 14 अनुसूचियां हैं।
डिफेंस सर्विस (आर्मी, पैरामिलिट्री फोर्स) के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी पर टैक्स छूट दी जाएगी।
मेडिकल, होम लोन, पीएफ, उच्च शिक्षा के लोन पर टैक्स छूट जारी रहेगी।
1 अप्रैल 2026 से नए कानून को लागू करने का प्रस्ताव किया गया है।
12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं
बजट 2025 में वित्त मंत्री ने ऐलान किया था कि 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। यह फैसला मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
लागू होने की तिथि:
सरकार ने प्रस्तावित किया है कि नया आयकर विधेयक 2025, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसका उद्देश्य करदाताओं को नए नियमों के अनुसार तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय देना है।
आम आदमी के लिए लाभ:
नए विधेयक में उपयोग की गई भाषा को सरल बनाया गया है, जिससे आम नागरिक भी इसे आसानी से समझ सकें। इसके अतिरिक्त, पुराने और अप्रचलित प्रावधानों को हटाकर कानून को संक्षिप्त किया गया है, जिससे कानूनी विवादों में कमी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने बजट प्रस्तुत करते समय यह भी घोषणा की थी कि अब 12 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों को कोई कर नहीं देना होगा, जिससे मध्यम वर्ग को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी।
नए आयकर विधेयक 2025 के माध्यम से सरकार का उद्देश्य कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और करदाताओं के लिए अनुकूल बनाना है, जिससे देश में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके।




