नई दिल्ली: वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट को लेकर गुरुवार को राज्यसभा में हंगामा मच गया। विपक्षी सांसदों ने रिपोर्ट को लेकर गंभीर आपत्तियां जताते हुए वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस ने सरकार से इस बिल के मसौदे पर पुनः गंभीर विचार करने की मांग की है, जबकि बीजेपी ने विपक्षी दलों के आचरण की कड़ी निंदा की।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि वक्फ बिल के मसौदे में संवैधानिक खामियां और विसंगतियां हैं, जिन्हें जेपीसी की रिपोर्ट में नजरअंदाज किया गया है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि कई महत्वपूर्ण बातें रिपोर्ट से हटा दी गई हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह पूरी रिपोर्ट नहीं है, और इसे फिर से जेपीसी के पास भेजा जाना चाहिए। हालांकि, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि रिपोर्ट में किसी बात को हटाया नहीं गया है, और यह पूरी रिपोर्ट पेश की जा रही है।
रिपोर्ट पेश होने के बाद विपक्षी सांसदों ने हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट किया। इस पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, “विपक्ष चर्चा के बजाय केवल राजनीतिक प्वाइंट स्कोर करने में जुटा है। ये लोग देश को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश तोड़ने की ताकतों के साथ खड़े हैं।
वहीं, राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने विपक्षी सांसदों को फटकार लगाते हुए कहा, “आप संसद के सदस्यों का अपमान कर रहे हैं, कृपया अपनी सीटों पर बैठ जाइए।” इसके बाद, लीडर ऑफ द हाउस जेपी नड्डा ने विपक्ष को शांत करने का प्रयास किया और कहा कि प्रजातंत्र में असहमत होने का अधिकार है, लेकिन सदन की कार्यवाही में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।
इस बीच, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने जेपीसी रिपोर्ट पर सवाल उठाया और कहा, “आज वक्फ बोर्ड की संपत्ति को लेकर विवाद हो रहा है, कल गुरुद्वारे और फिर मंदिरों पर भी बात हो सकती है।” विपक्ष ने वक्फ विधेयक को वापस लेने की मांग की है, और इसे लेकर संसद में बहस जारी है।




