फ्रांस: मार्से और भारत का ऐतिहासिक कनेक्शन, मजारगुएस युद्ध कब्रिस्तान में भारतीय वीरों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे पीएम मोदी

फ्रांस: मार्से और भारत का ऐतिहासिक कनेक्शन, मजारगुएस युद्ध कब्रिस्तान में भारतीय वीरों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे पीएम मोदी

मार्से, फ्रांस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय फ्रांस के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की। इसके बाद वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मार्से (Marseille) पहुंचे। इस मौके पर पीएम मोदी ने वीर सावरकर को याद करते हुए उनके साहसिक पलायन के ऐतिहासिक क्षण का जिक्र किया और फ्रांस के उन कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया, जिन्होंने सावरकर को ब्रिटिश अधिकारियों को सौंपने का विरोध किया था।

भारत-फ्रांस ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक
मार्से सिर्फ फ्रांस का दूसरा सबसे बड़ा शहर ही नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम से भी इसका गहरा नाता रहा है। 1910 में, जब ब्रिटिश सरकार ने वीर सावरकर को गिरफ्तार कर भारत ले जाने की कोशिश की, तब उन्होंने ब्रिटिश जहाज से कूदकर भागने का प्रयास किया। हालांकि, फ्रेंच अधिकारियों ने उन्हें पकड़कर ब्रिटिश अधिकारियों को सौंप दिया, जिससे ब्रिटेन और फ्रांस के बीच राजनयिक विवाद खड़ा हो गया।

मजारगुएस युद्ध कब्रिस्तान में भारतीय वीरों को श्रद्धांजलि
पीएम मोदी मार्से के मजारगुएस युद्ध कब्रिस्तान भी पहुंचे, जहां उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। 1914-15 के दौरान भारतीय सेना के जवान फ्रांस के युद्ध मोर्चे पर स्कॉटिश, आयरिश और अंग्रेजी बटालियनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े थे। 26 सितंबर 1914 को लाहौर डिवीजन की दो ब्रिगेड मार्से के बंदरगाह पर उतरीं और पश्चिमी मोर्चे पर तैनात की गईं।

मार्से की रणनीतिक भूमिका और भारत-फ्रांस व्यापारिक संबंध
मार्से भारत और फ्रांस के व्यापारिक रिश्तों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है। यह भारत-मध्य पूर्व-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) का एक प्रमुख केंद्र है, जिसकी घोषणा 2023 के G20 शिखर सम्मेलन में की गई थी। इस परियोजना का उद्देश्य भारत को यूरोप से पश्चिम एशिया के माध्यम से जोड़ना है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच इस कॉरिडोर को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

मार्से: इतिहास, पर्यटन और प्रसिद्ध हस्तियां
मार्से नेपोलियन बोनापार्ट और फुटबॉल लीजेंड जिनेदिन जिदान का गृह नगर है। यह फ्रांस के सबसे पुराने और खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, रंगीन वास्तुकला और ऐतिहासिक बंदरगाह के लिए प्रसिद्ध है।

प्रधानमंत्री मोदी की मार्से यात्रा केवल द्विपक्षीय वार्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और फ्रांस के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा करने का प्रतीक भी है। वीर सावरकर की याद से लेकर भारतीय सैनिकों की शहादत को नमन तक, यह यात्रा दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर है।

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