दिल्ली में AAP की करारी हार पर, इशारों इशारों में कुमार विश्वास ने दी नसीहत,”अहंकार ईश्वर का भोजन है”

दिल्ली में AAP की करारी हार पर, इशारों इशारों में कुमार विश्वास ने दी नसीहत,”अहंकार ईश्वर का भोजन है”

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की करारी हार के बाद कवि और पूर्व आप नेता कुमार विश्वास ने एक पुराने वीडियो को रीट्वीट कर अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष किया है। इस वीडियो में वह बिना किसी का नाम लिए पार्टी को एक बड़ी नसीहत देते नजर आ रहे हैं।

आम आदमी पार्टी इस चुनाव में बुरी तरह से हार गई है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) बंपर जीत की ओर बढ़ रही है। करीब 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी करने जा रही भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है, जबकि अरविंद केजरीवाल की पार्टी को जनता ने नकार दिया।

कुमार विश्वास का तंज: 
AAP की हार के बाद कुमार विश्वास ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “अहंकार ईश्वर का भोजन है।” इस वीडियो में वह कहते नजर आ रहे हैं—

“खुद को इतना शक्तिशाली मत समझो कि जिन्होंने आपको सिद्धियां दी हैं, उन्हीं को आप आंखें दिखाने लगें। याद रखिए कि आपकी हर सफलता के पीछे कृष्ण जैसे असंख्य लोग होते हैं, जिनकी चुपचाप और अदृश्य शुभकामनाओं की वजह से आप इस विजय रथ पर सवार हुए हैं।”

उनकी इस टिप्पणी को सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी से जोड़कर देखा जा रहा है। कुमार विश्वास, जो कभी AAP के संस्थापक नेताओं में शामिल थे, अब पार्टी के मुखर आलोचक हैं।

AAP की हार और बीजेपी की ऐतिहासिक जीत
दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी ने बड़ी बढ़त बनाई है, जबकि AAP का परफॉर्मेंस बेहद निराशाजनक रहा। यह हार पार्टी के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि 2015 और 2020 में जबरदस्त जीत हासिल करने के बाद अब वह जनता का विश्वास खो चुकी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केजरीवाल सरकार के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी, भ्रष्टाचार के आरोप, और भाजपा की रणनीति इस हार के प्रमुख कारण रहे। इसके अलावा, दिल्ली में राष्ट्रवादी राजनीति और केंद्र सरकार की नीतियों के समर्थन ने भी भाजपा को मजबूत किया है।

कुमार विश्वास और AAP के बीच पुरानी तनातनी
कुमार विश्वास और अरविंद केजरीवाल के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। कभी पार्टी के प्रमुख चेहरे रहे विश्वास ने AAP छोड़ने के बाद कई बार केजरीवाल पर अहंकार और अवसरवाद का आरोप लगाया है।

इस बार उनकी टिप्पणी को AAP की राजनीतिक गलतियों और नेतृत्व की विफलताओं पर सीधा हमला माना जा रहा है। चुनावी नतीजों के बाद उनके इस वीडियो ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

अब देखना होगा कि इस करारी हार के बाद AAP अपनी रणनीति में क्या बदलाव करती है और क्या अरविंद केजरीवाल अपने नेतृत्व में सुधार लाने के लिए कोई कदम उठाते हैं या नहीं।

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