अयोध्या, मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। सुबह 11 बजे तक 29.86% वोटिंग दर्ज की गई, जबकि 9 बजे तक 13.34% मतदान हुआ था। इस सीट पर मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी (सपा) के अजीत प्रसाद और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चंद्रभानु पासवान के बीच देखा जा रहा है। इसके अलावा, आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम), मौलिक अधिकार पार्टी और राष्ट्रीय जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) के उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में हैं। पांच निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
सपा के कार्यकर्ताओं को बूथ से भगाने का आरोप
अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं को पोलिंग बूथों से जबरन भगाया जा रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
सपा बनाम बीजेपी: सीट बचाने और जीतने की जंग
2022 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से सपा के अवधेश प्रसाद ने जीत दर्ज की थी। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या (फैजाबाद) से सांसद बनने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण इस उपचुनाव की जरूरत पड़ी। बीजेपी इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है, जबकि सपा अपनी सीट बचाने के लिए संघर्ष कर रही है।
चुनाव टालने और दलित युवती की हत्या का मुद्दा गरमाया
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी पर आरोप लगाया कि पार्टी ने उपचुनाव में हार के डर से मिल्कीपुर का चुनाव टाल दिया था। वहीं, अयोध्या में दलित युवती की हत्या को लेकर भी सपा ने बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। इस मुद्दे पर सांसद अवधेश प्रसाद प्रेस वार्ता के दौरान भावुक हो गए और उन्होंने कहा, “मैं उसे बचाने में असफल रहा।”
मतगणना 8 फरवरी को होगी
मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए वोटों की गिनती 8 फरवरी को होगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीजेपी इस सीट पर जीत दर्ज कर सपा से अयोध्या में मिली हार का बदला ले पाएगी, या फिर सपा अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल होगी।




