महाकुंभ पर बवाल: अखिलेश यादव ने पीएम मोदी से मांगा जवाब, पप्पू यादव के विवादित बयान पर हंगामा

महाकुंभ पर बवाल: अखिलेश यादव ने पीएम मोदी से मांगा जवाब, पप्पू यादव के विवादित बयान पर हंगामा

नई दिल्ली: प्रयागराज महाकुंभ को लेकर लोकसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव और पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को घेरा। जहां अखिलेश यादव ने महाकुंभ में भगदड़ से हुई मौतों के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सेना को देने की मांग की, वहीं पप्पू यादव के विवादास्पद बयान पर सदन में हंगामा मच गया।

पप्पू यादव का विवादित बयान
लोकसभा में चर्चा के दौरान पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री मोदी और महाकुंभ में शामिल होने वाले बाबाओं और नागा साधुओं पर टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा,
“प्रधानमंत्री जी तीसरी बार आ गए, लेकिन अपने वादे पूरे नहीं किए। वह सनातन की बात करते हैं, लेकिन महाकुंभ में जो-जो मरे, उन्हें मोक्ष मिल गया। मैं चाहता हूं कि ऐसे बाबा, नागा साधु, नेता और अमीर लोग जो वहां जाते हैं, उन्हें भी डुबकी लगाकर मर जाना चाहिए, ताकि उन्हें भी मोक्ष मिल जाए।”
उनके इस बयान पर लोकसभा में हंगामा हुआ और पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने उन्हें फौरन टोका।

अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने महाकुंभ में हुई भगदड़ और अव्यवस्थाओं पर सरकार को घेरते हुए कहा कि मृतकों के आंकड़े छिपाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार को महाकुंभ में मारे गए लोगों और घायलों के इलाज, भोजन, परिवहन आदि का आंकड़ा संसद में पेश करना चाहिए। सपा प्रमुख ने कहा,
“सरकार बजट के आंकड़े दे रही है, लेकिन कुंभ में मरने वालों के आंकड़े छिपा रही है। वहां जहां व्यवस्था होनी चाहिए थी, वहां प्रचार किया जा रहा था। धार्मिक समागम में सरकार का प्रचार निंदनीय है।”

महाकुंभ की व्यवस्था सेना को सौंपने की मांग
अखिलेश यादव ने संसद में सर्वदलीय बैठक बुलाने और कुंभ की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सेना को देने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि भगदड़ के कारण महाकुंभ के धार्मिक अनुष्ठान भी बाधित हुए और संतों का एक निश्चित मुहूर्त में स्नान नहीं हो सका। उन्होंने सरकार से पूछा,
“अगर सरकार दोषी नहीं है तो आंकड़े क्यों छिपाए गए? मीडिया के सहारे सच को क्यों दबाया जा रहा है?”

महाकुंभ को लेकर सियासी घमासान तेज
महाकुंभ पर अखिलेश यादव और पप्पू यादव की तीखी बयानबाजी के बाद भाजपा सांसदों ने इसका विरोध किया। लोकसभा में इस मुद्दे को लेकर गरमागरम बहस हुई। अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।

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