नई दिल्ली, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदाता जागरूकता और समावेशी मतदान की दिशा में चुनाव आयोग ने 85+ वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों (PWD) के लिए होम वोटिंग विकल्प की सुविधा शुरू की है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए पात्र मतदाताओं को फॉर्म 12D भरकर आवेदन करना होगा। चुनाव आयोग ने अब तक वरिष्ठ नागरिकों से 6447 और दिव्यांग मतदाताओं से 1058 आवेदन प्राप्त किए हैं।
चुनाव आयोग के मुताबिक, रविवार, 26 जनवरी तक 1271 वरिष्ठ नागरिकों और 120 दिव्यांग मतदाताओं ने होम वोटिंग का इस्तेमाल कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह पहल चुनावी प्रक्रिया को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने के उद्देश्य से की गई है।
AAP ने उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि होम वोटिंग के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। AAP ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा, “चुनाव आयोग अब खुलकर भाजपा का पक्ष ले रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।”
चुनाव आयोग की सफाई
आम आदमी पार्टी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि होम वोटिंग प्रक्रिया पारदर्शिता और गोपनीयता के साथ आयोजित की जा रही है। आयोग ने कहा कि मतदान टीमों के साथ सभी उम्मीदवारों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को जाने की अनुमति दी गई है।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। आयोग ने बताया, “पूरी प्रक्रिया और रूट प्लान सभी उम्मीदवारों के साथ साझा किया जाएगा। मतदाता को बैलट पेपर प्रदान किया जाएगा, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदान गुप्तता और आयोग के दिशानिर्देशों के तहत हो।”
होम वोटिंग पूरी तरह स्वैच्छिक
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि होम वोटिंग का विकल्प पूरी तरह से स्वैच्छिक है। इस सुविधा का लाभ लेने वाले मतदाता चुनाव के दिन मतदान केंद्र पर वोट नहीं कर सकते। यह पहल उन वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए है, जो शारीरिक कारणों से मतदान केंद्र तक पहुंचने में असमर्थ हैं।
चुनाव आयोग ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य लोकतंत्र को समावेशी बनाना है, ताकि हर वर्ग के नागरिक आसानी से मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकें। यह सुविधा आम चुनाव 2024 के दौरान शुरू हुई थी और अब दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में लागू की जा रही है।




