प्रयागराज, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महाकुंभ में पहुंचकर संगम में आस्था की डुबकी लगाई। उनके साथ बेटे अर्जुन यादव और पार्टी नेता राजेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे। त्रिवेणी संगम में स्नान के दौरान अखिलेश यादव ने गंगा में 11 डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की।
महाकुंभ के इस धार्मिक अवसर पर अखिलेश यादव ने श्रद्धालुओं से संवाद किया और महाकुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2013 में उनकी सरकार ने मात्र 1300 करोड़ रुपये के बजट में महाकुंभ का सफल आयोजन किया था, जबकि इस बार 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हैं, फिर भी अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही हैं।
अखिलेश यादव ने कहा, “सरकार ने महाकुंभ पर भारी बजट खर्च किया है, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं को 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। लोग अव्यवस्थाओं से परेशान हैं। इतने बड़े बजट के बावजूद अगर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हैं, तो यह सरकार की असफलता है।”
सपा प्रमुख ने सुझाव दिया कि यदि मौजूदा बजट पर्याप्त नहीं है तो राज्य सरकार को केंद्र से 10,000 करोड़ रुपये और मांगने चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधाएं दी जा सकें। उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
अखिलेश यादव का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने अपने कार्यकाल की तुलना वर्तमान सरकार से करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार ने कम बजट में कुंभ के आयोजन को ऐतिहासिक और सफल बनाया था।
महाकुंभ के इस अवसर पर अखिलेश यादव की उपस्थिति और उनके बयान ने ना केवल राजनीतिक सरगर्मी बढ़ाई, बल्कि जनता के बीच व्यवस्था सुधार की चर्चा को भी हवा दी है।




