नई दिल्ली, 76वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ भारतीय सेना की अदम्य शक्ति और पराक्रम का गवाह बना। इस वर्ष पहली बार भीष्म टैंक (टी-90) ने कर्तव्य पथ पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिसने देशवासियों का गर्व और उत्साह दोगुना कर दिया। भारतीय सेना के 310 टी-90 और 124 टी-90 भीष्म टैंकों ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए भारतीय सैन्य क्षमता का परिचय दिया।
भीष्म टैंक भारतीय सेना के प्रमुख युद्धक टैंकों में शामिल है, जो अत्याधुनिक तकनीक और अचूक सटीकता से लैस है। इसे देखकर दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था। यह टैंक भारत की रक्षा क्षमताओं में हो रहे निरंतर सुधार और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
कर्तव्य पथ पर पिनाका रॉकेट लॉन्चर ने भी अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। यह रॉकेट लॉन्चर भारतीय सेना की मारक क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस स्वदेशी हथियार प्रणाली ने भारत की तकनीकी प्रगति और सैन्य शक्ति को बखूबी दर्शाया।
इसके अलावा, कर्तव्य पथ पर 61वीं कैवलरी सेना की घुड़सवार इकाई का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। सेना की यह इकाई अपनी कुशल घुड़सवारी और परेड के दौरान प्रदर्शित शौर्य कौशल के लिए जानी जाती है। घोड़ों की शानदार सवारी और सटीक तालमेल ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भारतीय सेना के इन प्रदर्शन ने देशवासियों को गर्व महसूस कराया और यह संदेश दिया कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है। परेड के दौरान इन अत्याधुनिक हथियारों और सैन्य कौशल का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि भारत एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य अतिथियों ने इन सैन्य प्रदर्शनों की सराहना की। कर्तव्य पथ पर यह परेड भारतीय सैन्य ताकत और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं का उत्कृष्ट उदाहरण रही, जिसने देशवासियों को गर्व और सुरक्षा का आश्वासन दिया।




