अयोध्या, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के एक साल आज पूरे हो गए हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, 22 जनवरी 2024 को रामलला को मंदिर में विराजमान किया गया था, और आज इस ऐतिहासिक घटना की पहली वर्षगांठ है। इस विशेष अवसर पर, देशभर से हजारों श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंच रहे हैं। खराब मौसम के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
राम मंदिर वर्तमान समय में लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु सुबह से ही रामलला के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए। बारिश और ठंड के बावजूद, भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी इस मौके पर विशेष आयोजन किए हैं।
प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक क्षण
22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में रामलला को विधिवत स्थापित किया गया था। यह दिन अयोध्या के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। हिंदू संवत्सर के अनुसार, द्वादशी तिथि पर 11 जनवरी को ‘प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव’ मनाया गया था। इस वर्षगांठ को लेकर अयोध्या में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण शामिल हैं।
भक्तों का उत्साह
राम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के एक साल पूरे होने पर दूर-दराज से आने वाले भक्त काफी उत्साहित हैं। वे रामलला के दर्शन कर अपने आप को धन्य मान रहे हैं। अयोध्या की सड़कों पर भक्तों का सैलाब देखा जा सकता है, जो इस पवित्र स्थान पर आकर अपनी आस्था को प्रगाढ़ कर रहे हैं।
विशेष आयोजन
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस मौके पर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया है। भक्तों के लिए भव्य आयोजन किए गए हैं, और उन्हें रामलला के दर्शन के लिए सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के इस पवित्र अवसर का आनंद ले सकें।
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने इस स्थान को एक बार फिर से आस्था और भक्ति के केंद्र में ला खड़ा किया है।




