नई दिल्ली, दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने अपना मास्टर प्लान पेश किया है। इस बार भी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को आगे रखकर चुनावी जंग जीतने की कोशिश में जुट गई है। पार्टी ने दिल्ली की हर गली में अपने प्रतीक कमल को खिलाने की रणनीति तैयार की है, जो पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चुनौती बन सकती है।
सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर प्रचार
जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, सोशल मीडिया पर पोस्टर और वीडियो वॉर के अलावा जमीनी स्तर पर भी बीजेपी ने आक्रामक प्रचार शुरू कर दिया है। प्रचार अभियान के अंतिम 14 दिनों में बीजेपी दिल्ली में विशाल रैलियों का आयोजन करेगी। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, मनोहर लाल खट्टर, और नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और नेता भी इस अभियान में हिस्सा लेंगे।
जातिगत समीकरणों पर ध्यान
बीजेपी के स्टार प्रचारकों की सूची में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हैं। योगी आदित्यनाथ दिल्ली में 14 रैलियों को संबोधित करेंगे, जिनका उद्देश्य पूर्वांचली और उत्तराखंडी मतदाताओं को आकर्षित करना है। 23 जनवरी से शुरू होने वाली इन रैलियों में आदित्यनाथ प्रमुख चेहरा होंगे।
पूर्वांचल और उत्तराखंडी मतदाताओं पर फोकस
पूर्वांचल और उत्तराखंडी मतदाताओं को लुभाने के लिए बीजेपी ने रवि किशन, मनोज तिवारी, निरहुआ, सम्राट चौधरी, और गिरिराज सिंह जैसे नेताओं को मैदान में उतारा है। 23 जनवरी से ये नेता ताबड़तोड़ रैलियां करेंगे। इसके अतिरिक्त, बीजेपी पूर्वांचली मतदाताओं वाले इलाकों में कई बाइक रैलियों का आयोजन भी करेगी।
2500 बैठकों का आयोजन
बीजेपी ने अब तक 2500 से अधिक छोटी बैठकों और ड्राइंग-रूम मीटिंग्स का आयोजन किया है। मकर संक्रांति पर लगभग 70 बैठकें आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 50 बैठकें सफल रहीं। इन बैठकों के जरिए बीजेपी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को मतदाताओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
स्लम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
बीजेपी स्लम क्षेत्रों में रहने वाले पूर्वांचली मतदाताओं पर विशेष ध्यान दे रही है। इन क्षेत्रों में पार्टी का अभियान जोर पकड़ चुका है, जहां अधिकांश वोटर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार से आते हैं। पीएम मोदी 21 जनवरी को ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं से ऑनलाइन बातचीत करेंगे, जिससे पार्टी का चुनावी अभियान और अधिक मजबूत होगा।




