नई दिल्ली, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में 14 साल की सजा सुनाई गई है। इस मामले में उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी 7 साल की सजा दी गई है। अदालत ने फैसला सुनाने के बाद बुशरा बीबी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। वह अदियाला जेल में फैसला सुनने के लिए मौजूद थीं, जहां पुलिस ने उन्हें औपचारिक गिरफ्तारी के लिए घेर लिया।
अल-कादिर ट्रस्ट मामला पाकिस्तान में हाल के समय के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में से एक है। इसमें आरोप लगाया गया था कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी ने सत्ता में रहते हुए 190 मिलियन पाउंड (लगभग 50 अरब पाकिस्तानी रुपये) की हेराफेरी की। इस पैसे का उपयोग कथित तौर पर निजी संपत्तियों और अन्य व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए किया गया।
मामले की जांच के दौरान, पाकिस्तान के राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) ने इस बात के सबूत जुटाए कि इमरान खान और बुशरा बीबी ने ट्रस्ट के नाम पर धन का दुरुपयोग किया। अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई।
राजनीतिक माहौल पर असर
इमरान खान, जो पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख हैं, उनकी इस सजा ने देश में राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है। उनके समर्थकों ने इस फैसले को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है और देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। PTI ने अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने की भी घोषणा की है।
अदियाला जेल की बढ़ाई गई सुरक्षा
बुशरा बीबी की गिरफ्तारी के बाद अदियाला जेल की सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है। जेल प्रशासन ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों कैदियों को विशेष निगरानी में रखा जाएगा। वहीं, जेल के बाहर PTI समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई है, जो उनके पक्ष में नारेबाजी कर रही है।
यह मामला पाकिस्तान की राजनीति और न्याय व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। इमरान खान और बुशरा बीबी की सजा ने देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश दिया है। हालांकि, इससे राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ सकती है, क्योंकि PTI के कार्यकर्ता और नेता इस फैसले के खिलाफ सड़क पर उतर सकते हैं।




