महाकुंभ में मॉडल हर्षा रिछारिया के रथ पर बैठने से विवाद, साधु-संतों की कड़ी प्रतिक्रिया

महाकुंभ में मॉडल हर्षा रिछारिया के रथ पर बैठने से विवाद, साधु-संतों की कड़ी प्रतिक्रिया

प्रयागराज, महाकुंभ के दौरान निरंजनी अखाड़े की पेशवाई में मॉडल हर्षा रिछारिया को रथ पर बैठाने से विवाद खड़ा हो गया है। शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे धर्म का प्रदर्शन बताते हुए कहा कि धर्म को भोग का माध्यम बनाना खतरनाक है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि साधु-संतों को त्याग की परंपरा का पालन करना चाहिए और धर्म के प्रदर्शन से बचना चाहिए।

साधु-संतों को सही दिशा में ले जाने की जिम्मेदारी: स्वामी आनंद स्वरूप जी
स्वामी आनंद स्वरूप जी ने कहा कि एक आचार्य महामंडलेश्वर द्वारा किसी मॉडल को रथ पर बैठाकर अमृत स्नान पर ले जाना समाज के लिए उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की घटनाओं को रोका नहीं गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने साधु-संतों से समाज में सही दिशा में मार्गदर्शन करने का आग्रह किया।

हर्षा रिछारिया की सफाई
इस विवाद के बाद हर्षा रिछारिया ने स्पष्ट किया कि वह साध्वी नहीं हैं, बल्कि उन्होंने भक्ति के मार्ग पर चलने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि भक्ति और ग्लैमर में कोई विरोधाभास नहीं है और वे अपने पुराने पेशेवर जीवन को छोड़कर पूरी तरह से भक्ति में समर्पित हो चुकी हैं।

हर्षा का भक्ति मार्ग पर समर्पण
हर्षा रिछारिया, जो मूल रूप से भोपाल की रहने वाली हैं, अब उत्तराखंड में रहती हैं और उनके इंस्टाग्राम पर 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। वे धार्मिक और आध्यात्मिक कंटेंट साझा करती हैं और अपने भक्ति मार्ग पर चलने के निर्णय को अपने फॉलोअर्स के साथ साझा कर रही हैं।

Share post:

Popular

More like this
Related

Pin Up Casino – Azərbaycanda onlayn kazino Pin-Up

Pin Up Casino - Azərbaycanda onlayn kazino Pin-Up ...

IPL 2025: मुंबई में कप्तानों की बैठक के बीच...