महाकुंभ 2025 में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु अमृत स्नान के लिए संगम पहुंचे हैं। इस धार्मिक आयोजन में तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य का शिविर भी विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उनका शिविर महाकुंभ नगर के सेक्टर 6 में नागवासुकि मंदिर के पास स्थित है। शिविर का मुख्य द्वार श्री राम मंदिर के मुख्य द्वार की तर्ज पर भव्य रूप से बनाया गया है, जिसे कोलकाता से आए कारीगरों ने निर्मित किया है।
स्वामी रामभद्राचार्य
स्वामी रामभद्राचार्य का जन्म 14 जनवरी 1950 को जौनपुर के सांडीखुर्द में हुआ था। उनका वास्तविक नाम गिरिधर मिश्र है। वे रामानंदी संप्रदाय से हैं और उन्होंने कई साहित्यिक और धार्मिक पुरस्कार प्राप्त किए हैं। जन्म के दो महीने बाद ही उन्होंने आंखों की रोशनी खो दी थी। उन्हें पद्म विभूषण और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
रामभद्राचार्य का शिविर कहां लगा है?
आज, 14 जनवरी, स्वामी रामभद्राचार्य का जन्मदिन है। इसे मनाने के लिए भक्तों ने विशेष तैयारियां की हैं। शिविर में बॉलीवुड और भोजपुरी सिनेमा के कई दिग्गज कलाकार भी पहुंच रहे हैं। हेमा मालिनी और मालिनी अवस्थी आज विशेष प्रस्तुतियां देंगी, जबकि जुबिन नौटियाल 15 जनवरी को प्रस्तुति देंगे।
आगामी दिनों के कार्यक्रम
21 जनवरी को भोजपुरी सिंगर और सांसद मनोज तिवारी और भजन गायक कन्हैया मित्तल की गीत संध्या होगी। 23 जनवरी को कंगना रनौत, 24 जनवरी को अक्षरा सिंह की प्रस्तुतियां होंगी। इसके अलावा, सोनू निगम, मीका सिंह, कैलाश खेर, और उदित नारायण जैसे मशहूर सिंगर्स भी यहां कार्यक्रम पेश करेंगे।
पीओके को मुक्त कराने के लिए अनुष्ठान
शिविर में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की मुक्ति के लिए विशेष अनुष्ठान की तैयारी की गई है। यहां 250 हवन कुंड बनाए गए हैं, और महाकुंभ मेले के दौरान 1008 बार यज्ञ होगा। पीओके की मुक्ति के लिए आहुतियां दी जाएंगी।
महाकुंभ में स्वामी रामभद्राचार्य का शिविर भक्तों के लिए आस्था और आशीर्वाद का अद्भुत स्थान बना हुआ है। अगर आप महाकुंभ में हैं, तो इस अद्भुत शिविर का दर्शन अवश्य करें।




