2024 से पहले EVM के इस्तेमाल पर फिर से विवाद, कांग्रेस ने बैलट पेपर से चुनाव कराने की करी मांग

2024 से पहले EVM के इस्तेमाल पर फिर से विवाद, कांग्रेस ने बैलट पेपर से चुनाव कराने की करी मांग

नई दिल्ली, भारत में 2024 के आम चुनाव को लेकर सरगर्मियां शुरू हो चुकी हैं। इस दौरान, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने अगले लोकसभा चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की बजाय बैलट पेपर का आयोज करने की मांग की है।

मनीष तिवारी ने कहा, “लोकतंत्र तकनीक के भरोसे छोड़े जाने के मुकाबले काफी कीमती है। सवाल यह नहीं है कि EVM के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है लेकिन पेपर बैलट पर वापस जाने के लिए काफी वजहें हैं। एक सीधी सी वजह यह है कि एक EVM असल में है तो मशीन ही और अन्य मशीनों की तरह ही इसके साथ भी छेड़छाड़ हो सकती है, इसे हैक किया जा सकता है। इसके काम को बाधित किया जा सकता है, इससे खेला जा सकता है।

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, “मुझे ईवीएम को लेकर भारत के निर्वाचन आयोग का वह पितृसत्तात्मक जुनून समझ नहीं आता। यहां तक कि वह देश, जहां पहले EVM का इस्तेमाल किया जाता था, वहां भी अब वापस पेपर बैलट से ही चुनाव होते हैं। सीधा सा कारण यही है कि उनसे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। इसलिए इन हालात में 2024 के चुनाव पेपर बैलट से ही होने चाहिए।”

यह सही है कि कांग्रेस ने पिछले कुछ सालों में कई बार EVM से चुनाव कराने के खिलाफ सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कर्नाटक में हुए चुनावों में EVM का इस्तेमाल पर संदेह जताया और इन्हें पहले दक्षिण अफ्रीका में प्रयोग करने के आरोपों से जोड़ा था। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया था।

2019 के आम चुनाव से पहले भी कांग्रेस ने बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग की थी। EVM से जुड़े इस प्रकार के विवाद और सवाल चुनाव प्रक्रिया में सुधार की दिशा में सोचने के लिए महत्वपूर्ण हैं, और इन परिवर्तनों के बारे में सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए।

Share post:

Popular

More like this
Related