कर्नाटक विधानमंडल का शीतकालीन सत्र( winter session of the Karnataka Legislature) सोमवार से शुरू हुआ। इस बीच विधानसभा हॉल में वीडी सावरकर की फोटो को लेकर राजनीति गर्मा गई है। फोटो अनावरण करने के खिलाफ विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने तीखे शब्दों में कहा कि सिद्धारमैया को पूछिए दाऊद इब्राहिम का लगाना है क्या?
Karnataka | LoP Siddaramaiah and other Congress MLAs protest outside the Assembly against the installation of a portrait of VD Savarkar in the Assembly hall. pic.twitter.com/rq2glzkk3F
— ANI (@ANI) December 19, 2022
उनकी समस्या तुष्टिकरण की है, पढ़िए 10 बड़ी बातें
1. कर्नाटक विधानमंडल का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हुआ। इसी बीच बेलगावी शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। महाराष्ट्र के साथ सीमा रेखा पर भय और विभिन्न समुदायों के विरोध के कारण व्यवधान के बीच, पूरा शहर एक तरह की छावनी जैसा दिख रहा है।
2. इस बीच असेंबली में सावरकर की तस्वीर लगाए जाने को लेकर पक्ष-विपक्ष में ठन गई है। सावरकर की तस्वीर लगाए जाने के खिलाफ विपक्ष के नेता सिद्धारमैया और अन्य कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
3. कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख और विधायक डीके शिवकुमार ने कहा कि सत्ता पक्ष भाजपा चाहती है कि विधानसभा की कार्यवाही न चले। कांग्रेस भ्रष्टाचार के कई मुद्दे उठाने जा रही है। सत्ता पक्ष के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है।
4.कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कहा-यह कोई विरोध नहीं है, यह हमारी मांग है कि सभी राष्ट्रीय नेताओं और समाज सुधारकों के चित्र (कर्नाटक विधानसभा हॉल में) लगाए जाएं। विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा में वीर सावरकर की तस्वीर लगाने का एकतरफा फैसला लिया है।
5. सिद्धारमैया के विरोध पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा-वीर सावरकर की (फोटो) लगाने से आपको दुख हुआ। सिद्धारमैया को पूछिए दाऊद इब्राहिम का लगाना है क्या? उनकी समस्या तुष्टीकरण की राजनीति है, जिसके कारण आज देश इस स्थिति में पहुंचा है।
6.कर्नाटक विधानसभा हॉल में वीडी सावरकर के चित्र के अनावरण का विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने विरोध करते हुए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर वाल्मीकि, बासवन्ना, कनक दास, बीआर अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और कई अन्य महापुरुषों के चित्र लगाने की मांग उठाई।
7. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुवर्ण विधानसभा सौध(Suvarna Vidhana Soudha) में विधानसभा सत्र के दौरान शहर में लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए लगभग 5,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इन पुलिसकर्मियों में छह एसपी, 11 एडनिशनल एसपी, 43 डीएसपी, 95 इंस्पेक्टर और 241 सब इंस्पेक्टर शामिल हैं।
8. सूत्रों ने यह भी कहा कि वैक्सीन डिपो मैदान में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जहां मध्यवर्ती महाराष्ट्र एकीकरण समिति बेलगावी को महाराष्ट्र में विलय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। महाराष्ट्र के कुछ नेताओं ने इस कार्यक्रम में भाग लेने की इच्छा जताई थी। महाराष्ट्र के एक सांसद धैर्यशील माने ने बेलगावी जिला प्रशासन से शहर में उनकी यात्रा की व्यवस्था करने का अनुरोध भी किया था। हालांकि, जिला अधिकारियों ने उनके प्रवेश पर यह कहते हुए प्रतिबंध लगा दिया कि उनके संभावित भड़काऊ भाषण से कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।
9. एमईएस के अलावा, किसानों सहित विभिन्न समूह भी अपनी मांगों को लेकर बेलगावी में प्रदर्शन कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि यह सत्र, जो वर्तमान विधानसभा का आखिरी सत्र होगा, क्योंकि चुनाव मुश्किल से चार महीने दूर हैं। राजनीतिक दलों के साथ सदन के अंदर हंगामा भी हो सकता है, जो अपने विरोध प्रदर्शनों से लोगों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
10. ऐसे कई विधेयक हैं, जिन्हें चालू सत्र में पेश किए जाने और पारित किए जाने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि एक विवादास्पद हलाल विरोधी बिल(anti-Halal bill) भी सत्र में एक भाजपा विधायक द्वारा एक निजी बिल के रूप में पेश किया जा सकता है, जिससे हंगामा हो सकता है।




