बिहार: जहरीली शराब से 39 की मौत, नहीं मिलेगा मुआवजा, CM नीतीश बोले- जो पिएगा, वो मरेगा, बड़ी बुरी चीज है शराब

पटना। बिहार के छपरा में जहरीली शराब पीने से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 39 तक पहुंच गया है। मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से मुआवजा नहीं दिया जाएगा। इस बारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जो शराब पिएगा वह मरेगा ही। मुआवजा देने जैसी कोई बात नहीं है। 

नीतीश कुमार ने कहा कि जहरीली शराब से शुरू से लोग मरते थे। जब बिहार में शराबबंदी नहीं थी तब भी मरते थे। दूसरे राज्यों में भी लोग जहरीली शराब से मरते थे। 2016 में शहरीली शराब से काफी लोगों की मौत हुई थी। लोगों को सचेत रहना चाहिए। बिहार में शराबबंदी है। इसके बाद भी बेच रहा है तो कुछ गड़बड़ करेगा ही। शराब बहुत बुरी चीज है। लोगों को नहीं पीना चाहिए। पिछली बार भी जब जहरीली शराब से कुछ लोग मर गए तो मुझसे लोगों ने कहा कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा मिलना चाहिए। मैंने कहा-वाह। यह उदाहरण तो सामने है ही कि जो शराब पिएगा, वह मरेगा ही। जहरीली शराब पिओगे तो मरोगे। ऐसे मामलों में शोक व्यक्त करना चाहिए। उन जगहों पर जाकर लोगों को समझाना चाहिए।

दोषियों को पकड़ा जाएगा
नीतीश ने कहा कि शराबबंदी से कई लोगों को फायदा हुआ है। बड़ी संख्या में लोगों ने शराब छोड़ दी है…यह अच्छी बात है। कई लोगों ने इसे सहर्ष स्वीकार किया है। जो दोषी है उन्हें पकड़ा जाएगा। विपक्ष शराब को लेकर राजनीति कर रहा है। मैंने अधिकारियों से कहा है कि गड़बड़ी करने वालों की पहचान करें और उन्हें पकड़ें। मैंने अधिकारियों से कहा है कि वे गरीबों को न पकड़ें। शराब बनाने और शराब का धंधा करने वाले लोगों को पकड़ा जाए। लोगों को अपना काम शुरू करने के लिए 1 लाख रुपए देने को तैयार हैं। जरूरत पड़ने पर हम राशि जुटाएंगे, लेकिन किसी को भी इस धंधे में शामिल नहीं होना चाहिए।

शराब पीकर खुद भी मर गया सप्लायर
जहरीली शराब पीने से सबसे अधिक मौत छपरा के मशरक इलाके में हुई है। यहां घर-घर तक शराब पहुंचाया जा रहा था। फोन करने पर सप्लायर शराब घर पहुंचा देता था। मोहल्लों में शराब बांटने वाला व्यक्ति भी शराब पीकर मर गया है। इस मामले में मशरक के थानेदार और चौकीदार को सस्पेंड कर दिया गया है। मढौरा डीएसपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाही की अनुशंका की गई है। 

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