Himachal Pradesh News: संगठन पर खास पकड़, आलाकमान की पसंद…जानें- क्यों बड़े नेताओं को किनारा कर सुक्खू को दी गई हिमाचल की कमान

Himachal Pradesh News: संगठन पर खास पकड़, आलाकमान की पसंद…जानें- क्यों बड़े नेताओं को किनारा कर सुक्खू को दी गई हिमाचल की कमान

Sukhvinder Singh Sukhu News: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सातवें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस (Congress) के केंद्रीय आलाकमान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के खास लोगों में शुमार हैं. साधारण पृष्ठभूमि वाले सुक्खू की संगठनात्मक पकड़ के चलते वह आलाकमान की पसंद माने जाते हैं. साल 2013 में सुखविंदर सिंह सुक्खू को जब हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान दी गई, उस समय भी वे राहुल गांधी की पसंद पर ही अध्यक्ष बने थे.

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने छह साल तक अध्यक्ष रहते हुए हिमाचल कांग्रेस में अपनी बेहतरीन संगठनात्मक कुशलता का परिचय दिया. इसके बाद साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले जब विभिन्न समितियां बनने की बात आईं. उस समय राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने ही सुखविंदर सिंह सुक्खू को हिमाचल कांग्रेस प्रचार समिति के अध्यक्ष पद पर बैठाया. यह वह समय था जब सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचाने की पटकथा लिखी जा रही थी. प्रचार समिति के अध्यक्ष पद पर काबिज होते ही सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री बनने की आधी राह को पार कर लिया.

10 जनपथ के करीबी हैं CM सुखविंदर सिंह सुक्खू
चुनाव जीतने के बाद जब विधायकों के समर्थन और आलाकमान के आशीर्वाद की बात आई, तो वह भी सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ ही नजर आया. सुखविंदर सिंह सुक्खू 10 जनपथ के कितने करीबी हैं, यह इस बात से ही पता चलता है कि उनके शपथ ग्रहण समारोह में प्रियंका गांधी और राहुल गांधी दोनों एक साथ पहुंचे. प्रियंका गांधी ने तो हिमाचल प्रदेश में प्रचार की कमान संभाल ही रखी थी, लेकिन राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में व्यस्तता के बावजूद सुखविंदर सिंह सुक्खू के शपथ ग्रहण समारोह में हिमाचल प्रदेश पहुंचे. इस शपथ ग्रहण समारोह में सोनिया गांधी को भी आना था, लेकिन वे स्वास्थ्य कारणों के चलते यहां नहीं आ सकीं.

कांग्रेस आलाकमान ने 12 घंटे से भी कम के समय में तय किया सुक्खू का नाम
हिमाचल कांग्रेस में विधायक दल की बैठक में भी जब मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं हो सका, तो विधायक दल ने मुख्यमंत्री बनाने के लिए सिंगल लाइन प्रस्ताव पारित किया. सिंगल लाइन प्रस्ताव में आलाकमान को मुख्यमंत्री बनाने के लिए अधिकृत किया गया. गेंद आलाकमान के पाले में जाते ही 12 घंटे से भी कम के समय में सुखविंदर सिंह सुक्खू का नाम मुख्यमंत्री के तौर पर फाइनल कर दिया गया. आज सुखविंदर सिंह सुक्खू की राजनीतिक समझ, संगठन पर पकड़, विधायकों के समर्थन और आलाकमान के आशीर्वाद ने सुक्खू को प्रदेश के शीर्ष पद पर बैठा दिया है.

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