भारत-कतर के राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने पर संयुक्त जश्न, पीएम मोदी ने कतर के अमीर को दी शुभकामनाएं

भारत-कतर के राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने पर संयुक्त जश्न, पीएम मोदी ने कतर के अमीर को दी शुभकामनाएं

PM Modi speaks to Qatar’s Amir Tamim bin Hamad Al Thani: भारत और कतर अपने 50 साल के राजनयिक संबंधों की संयुक्त जश्न मनाएंगे। दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 साल 2023 में पूरे हो रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी से बात कर इस कार्यक्रम का प्रस्ताव रखा। बातचीत के बाद दोनों देशों ने संयुक्त जश्न मनाने की सहमति जताई है।

सफल फुटबॉल विश्वकप की भी दी शुभकामनाएं

पीएम नरेंद्र मोदी ने कतर को सफल विश्व कप फुटबॉल के लिए भी शुभकामनाएं दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि कतर के महामहिम अमीर तमीम बिन हमद से बातचीत करके खुशी हुई है। दिवाली की बधाई देने के लिए उनको धन्यवाद दिया साथ ही कतर में एक सफल विश्व कप फुटबाल के लिए भी शुभकामनाएं दी है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत-कतर अपने 50 साल के राजनयिक संबंधों का जश्न 2023 में मनाने के लिए सहमत हुए हैं। 

दोनों देशों में है द्विपक्षीय डिप्लोमेटिक संबंध…

भारत-कतर के बीच द्विपक्षीय डिप्लोमेटिक संबंध है। भारत ने दोहा में दूतावास खोला है तो कतर ने नई दिल्ली में एक दूतावास खोला हुआ है। कतर का मुंबइ में एक वाणिज्यिक दूतावास भी है। भारत-कतर के बीच राजनयिक संबंध साल 1973 में स्थापित किए गए थे।

2015 में अपराधियों के प्रत्यर्पण पर हुआ था समझौता

कतर के अमीर तमीम बिन हमल अल थानी ने 2015 में भारत की यात्रा की थी। इस दौरान कई समझौतों पर दोनों देशों ने सिग्नेचर किया था। इसमें कैदी प्रत्यार्पण समझौता प्रमुख था। इस समझौते के अनुसार भारत या कतर के नागरिक जिन्हें किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया जाता है और सजा सुनाई जाती है, उन्हें जेल की सजा के शेष वर्ष बिताने के लिए उनके मूल देश में प्रत्यर्पित किया जा सकता है।
इसके पहले कतर के अमीर हमद बिन खलीफा अल थानी ने अप्रैल 1999, मई 2005 और अप्रैल 2012 में भारत की राजनयिक यात्रा की थी।

2016 में नरेंद्र मोदी गए थे कतर

दोनों देशों के राजनयिक संबंधों को मजबूती देने के लिए पीएम मोदी 2016 के चार जून को दो दिनों के लिए दोहा गए थे। इस दौरान आर्थिक क्षेत्र में कई एमओयू साइन किए गए थे। पीएम मोदी ने इस दौरान कतर में रहने वाले भारतीय कामगारों से मुलाकात कर उनके साथ सामूहिक भोज किया। साथ ही यहां के अनिवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम को भी संबोधित किया था।

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