‘मन की बात’ में बोले नरेंद्र मोदी- अमृत सरोवर से बढ़ रहा जलस्तर, मोटा अनाज दूर कर सकता है कुपोषण

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को अपने मासिक रेडियो प्रोग्राम मन की बात (Mann Ki Baat) के माध्यम से देश-विदेश के लोगों के साथ अपने विचार साझा किए। उन्होंने जल संरक्षण पर बल दिया और कहा कि अमृत सरोवर से जलस्तर बढ़ रहा है। इसके साथ ही बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों पर बात की। पीएम ने कहा कि मोटा अनाज कुपोषण दूर करने में अहम साबित हो सकता है। इसे आज दुनियाभर में सुपरफूड कहा जा रहा है।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगस्त में आप सभी के पत्रों, संदेशों और कार्ड्स ने मेरे ऑफिस को तिरंगामय कर दिया। मुझे शायद ही कोई पत्र मिला हो, जिसपर तिरंगा नहीं हो, या तिरंगे और आजादी से जुड़ी बात न हो। कुछ दिन पहले मुझे भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के कार्यक्रम में जाने का अवसर मिला। उन्होंने स्वराज के सीरियर स्क्रीनिंग रखा था। ये आजादी के आंदोलन में हिस्सा लेने वाले अनसुने नायक-नायिकाओं के प्रयासों से देश की युवा-पीढ़ी को परिचित कराने की एक बेहतरीन पहल है।

शोभा बढ़ा रहा अमृत सरोवर 
नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं मध्य प्रदेश के मंडला में मोचा ग्राम पंचायत में बने अमृत सरोवर के बारे में आपको बताना चाहता हूं। ये अमृत सरोवर कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के पास बना है। इससे इस इलाके की सुंदरता बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश के ललितपुर में नवनिर्मित शहीद भगत सिंह अमृत सरोवर भी लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है। यहां की निवारी ग्राम पंचायत में बना ये सरोवर 4 एकड़ में फैला है। सरोवर किनारे हुआ वक्षारोपण इसकी शोभा बढ़ा रहा है। लोग इसे देखने दूर-दूर से आते हैं।

अमृत सरोवर का ये अभियान कर्नाटक में भी जोरों पर चल रहा है। यहां के बागलकोट जिले के बिल्केरुर गांव में लोगों ने बहुत सुंदर अमृत सरोवर बनाया है। इस क्षेत्र में पहाड़ से निकले पानी की वजह से लोगों को बहुत मुश्किल होती थी। किसानों को फसल का नुकसान होता था अमृत सरोवर बनाने के लिए गांव के लोग सारा पानी नहरों की मदद से एक तरफ ले आए। इससे इलाके में बाढ़ की समस्या दूर हो गई।

कुपोषण के खिलाफ लड़ाई का अनोखा तरीका है प्रोजेक्ट सम्पूर्णा
नरेंद्र मोदी ने कहा कि असम के बोंगाई गांव में एक दिलचस्प परियोजना चलाई जा रही है। इसका नाम सम्पूर्णा है। कुपोषण के खिलाफ लड़ाई का यह अनोखा तरीका है। इसके तहत किसी आंगनबाड़ी केंद्र के एक स्वस्थ बच्चे की मां एक कुपोषित बच्चे की मां से हर सप्ताह मिलती है और पोषण से संबंधित सारी जानकारी पर चर्चा करती है। यानी एक मां दूसरी मां की मित्र बन उसकी मदद करती है। इस प्रोजेक्ट की मदद से इस साल इस क्षेत्र में 90 फीसदी से ज्यादा बच्चों में कुपोषण दूर हुआ है।

बढ़ रहा मोटे अनाज का क्रेज
पीएम ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने एक प्रस्ताव पारित कर वर्ष 2023 को इंटरनेशनल इयर ऑफ मिलेट्स (मोटा अनाज) घोषित किया है। भारत के इस प्रस्ताव को 70 से ज्यादा देशों का समर्थन मिला था। आज दुनियाभर में मोटे अनाज का क्रेज बढ़ता जा रहा है। मोटे अनाज प्राचीन काल से ही हमारे कृषि, संस्कृति और सभ्यता का हिस्सा रहे हैं। हमारे वेदों में मिलेट्स का उल्लेख मिलता है। आप देश के किसी भी हिस्से में जाएं आपको वहां के लोगों के खान-पान में अलग-अलग तरह के मिलेट्स जरूर देखने को मिलेंगे। ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी, कुट्टू, ये सब मिलेट्स ही तो हैं।

भारत विश्व में मिलेट्स का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। इसलिए इस पहल को सफल बनाने की बड़ी जिम्मेदारी हम भारतीय के कंधे पर है। हम सबको मिलकर इसे जन-आंदोलन बनाना है। लोगों में मिलेट्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। मिलेट्स किसानों के लिए भी फायदेमंद है, खास कर छोट किसानों के लिए।

डिजिटल इंडिया ने बनाए डिजिटल इंटरप्रेन्योर 
नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले मैंने अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले के जोरसिंग गांव की एक खबर देखी। जोरसिंग गांव में स्वतंत्रता दिवस के दिन से 4जी इंटरनेट सेवाएं शुरू हो गई। जैसे, पहले कभी गांव में बिजली पहुंचने पर लोग खुश होते थे, अब नए भारत में वैसी ही खुशी 4जी पहुंचने पर होती है। जो सुविधाएं कभी सिर्फ बड़े शहरों में होती थी वो डिजिटल इंडिया ने गांव-गांव में पहुंचा दी हैं। इस वजह से देश में नए डिजिटल इंटरप्रेन्योर पैदा हो रहे हैं। राजस्थान के अजमेर जिले के सेठा सिंह रावत दर्जी ऑनलाइन ई स्टोर चलाते हैं। डिजिटल इंडिया ने यूपी के उन्नाव में रहने वाले ओम प्रकाश सिंह को भी डिजिटल इंटरप्रेन्योर बना दिया है। उन्होंने अपने गांव में एक हजार से ज्यादा ब्रॉडबैंड कनेक्शन स्थापित किए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Popular

More like this
Related