यूपी के डॉक्टरों को लेटलतीफी पड़ेगी भारी, डिप्टी सीएम ने निदेशक और सीएमएस को दिए ये अहम निर्देश

यूपी के डॉक्टरों को लेटलतीफी पड़ेगी भारी, डिप्टी सीएम ने निदेशक और सीएमएस को दिए ये अहम निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में लापरवाही और लेटलतीफी करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ योगी सरकार शिकंजा कसने जा रही है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक अस्पतालों का निरीक्षण कर डॉक्टरों की लापरवाही और लेटलतीफी से बखूबी वाकिफ हो चुके हैं। डिप्टी सीएम आएदिन किसी न किसी अस्पताल का निरीक्षण करने जाते हैं। अस्पतालों में गड़बड़ी और लापरवाही मिलने पर उसे ठीक करने के निर्देश दिए जाते थे। इसके बाद भी कहीं डॉक्टर समय पर नहीं आते तो कहीं मरीजों के इलाज में लापरवाही बरते जाने की खबर सामने आती हैं

लापरवाह डॉक्टरों पर कसेगा शिकंजा
उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अस्पतालों के निदेशकों और सीएमएस को लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी सीएम ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में सुबह 8 बजे ओपीडी खोलने के निर्देश दिए हैं। तय समय पर ओपीडी का संचालन शुरू करने के लिए पर्चा कुछ देर पहले ही बनना शुरू हो जाएगा। जिससे कि ओपीडी खुलने के तय समय में डॉक्टर मरीजों को देखना शुरू कर दें। योगी सरकार ने सख्ती के साथ निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डिप्टी सीएम और सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक लगातार अस्पतालों का दौराकर व्यवस्थाएं देख रहे हैं।

असुविधा होने पर होगी जवाबदेही
किसी भी अस्पताल में ओपीडी में सिर्फ एक ही डॉक्टर बैठेंगे। जबकि अन्य डॉक्टर मरीजों को देखेंगे। नियमित तौर पर राउंड पर न आने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। दो बजे से पहले ओपीडी छोड़ने वाले डॉक्टरों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। मरीजों को अस्पताल में असुविधा होने पर उसकी जवाबदेही प्रशासन की होगी। अस्पतालों को निर्देशित करते हुए कहा गया है कि मरीजों को कोई भी असुविधा न हो इसका खास ख्याल रखा जाए। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि शाम के समय भर्ती हुए मरीजों को डॉक्टर जरूर देखें। सुबह-शाम डॉक्टरों की सलाह पर ही मरीज को बेहतर इलाज दिया जा सकता है।

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