पांच प्रण बनाम पांच काम: केजरीवाल ने कैसे खुद को पीएम मोदी के चैलेंजर के तौर पर पेश किया, जानें

पांच प्रण बनाम पांच काम: केजरीवाल ने कैसे खुद को पीएम मोदी के चैलेंजर के तौर पर पेश किया, जानें

Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी दिल्ली और पंजाब में सरकार बनाने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर खुद के विस्तार की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रास्ते चलते दिखाई दे रहे हैं। दरअसल 2014 में पीएम मोदी ने जब पहली बार दिल्ली के लाल किले से अपना संबोधन दिया था तो उन्होंने उस वक्त मेक इन इंडिया की बात कही थी। वहीं 17 अगस्त को केजरीवाल ने भी अपने राष्ट्रीय मिशन मेक इंडिया नंबर 1 की शुरुआत की।

माना जा रहा है कि आप अब राज्य स्तरीय पार्टी से राष्ट्रीय पार्टी बनने की कोशिश में हैं। वहीं खुद को राष्ट्रीय नेता के तौर पर पेश करने के लिए अरविंद केजरीवाल ने अपने इस मिशन के चलते पीएम मोदी के सामने खुद को चैलेंजर के तौर पेश करने की कोशिश में है। दरअसल केजरीवाल ने विपक्षी दलों को बताने की कोशिश की है कि पीएम मोदी का सामना उनके विकास मॉडल से ही किया जा सकता है। वहीं 2024 लोकसभा चुनाव से पहले केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में मेक इंडिया नंबर-1 की शुरुआत की।

गौरतलब है कि मोदी सरकार भारत को विश्वगुरू बनाने की बात कहती आई है, ऐसे में केजरीवाल के मेक इंडिया नंबर अभियान को मोदी सरकार की मुहिम ‘विश्वगुरू’ के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। अपने अभियान की शुरुआत के दौरान केजरीवाल ने देश के 130 करोड़ लोगों से पांच परियोजनाओं – शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला अधिकार और टिकाऊ खेती पर “राष्ट्रीय मिशन” में शामिल होने की अपील की।

आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर 15 अगस्त को पीएम मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में देशवासियों को पंच प्रण की बात कही थी। जिसमें भारत को विकसित देश बनाने पर जोर दिया। वहीं इसके जवाब में केजरीवाल ने पांच काम सुनिश्चित करने की बात कही है। जिसमें हर बच्चे को फ़्री और अच्छी शिक्षा मिले, हर नागरिक को फ़्री इलाज मिले, हर युवा को रोज़गार मिले, हर महिला को सम्मान व सुरक्षा मिले और हर किसान को खेती का पूरा दाम मिले।

बता दें कि पीएम मोदी के पंच प्रण और केजरीवाल के पांच काम को लेकर दिए भाषणों में अंतर साफ है। पीएम मोदी की “पंच प्रण” की अभिव्यक्ति संस्कृति और सभ्यता के आदर्शों पर टिकी है। वहीं केजरीवाल के “पांच सबसे जरूरी काम” जमीन पर रोजमर्रा की जिंदगी की वास्तविकताओं में निहित है।

दरअसल केजरीवाल भाजपा की तरह राष्ट्रवाद, देशभक्ति और विकास के फॉर्म्युले पर चलना चाह रहे हैं। माना जा रहा है कि 2024 के आम चुनाव में आप की राजनीति इसी के आसपास होगी।

माना जा रहा है कि केजरीवाल मेक इंडिया नंबर 1 के जरिए राज्य की राजनीति से केंद्र की राजनीति में आने के लिए रास्ता तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, अभियान से जोड़ने के लिए मैं देश भर में यात्रा करूंगा। यह 130 करोड़ लोगों का गठबंधन होगा। उन्होंने कहा कि यह एक पार्टी अभियान नहीं है और न ही इसका किसी भी पार्टी से कोई लेना-देना है।

उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को पुरानी पार्टियों पर नहीं छोड़ा जा सकता। उनमें से कुछ अपने परिवार के हितों को आगे बढ़ाने के लिए काम करते हैं, कुछ अपने दोस्तों के लिए करते हैं। पिछले 75 वर्षों में उन्होंने केवल यही किया है।

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