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कौन हैं राजीव गौबा? कैबिनेट सचिव पद पर दो बार पा चुके सेवा विस्तार, 370 खत्म करने में क्या थी भूमिका

कौन हैं राजीव गौबा? कैबिनेट सचिव पद पर दो बार पा चुके सेवा विस्तार, 370 खत्म करने में क्या थी भूमिका

Cabinet Secretary Rajiv Gauba Service extension: भारत सरकार (GoI) के कैबिनेट सचिव राजीव गौबा (Rajiv Gauba) को एक बार फिर सेवा विस्तार मिल गया है। कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा को शुक्रवार को सरकार द्वारा सेवा में एक साल का विस्तार दिया गया। गौबा का यह कैबिनेट सचिव पद पर दूसरा सेवा विस्तार है। पूर्व केंद्रीय गृह सचिव गौबा को 2019 में दो साल के लिए देश के शीर्ष नौकरशाही पद पर नियुक्त किया गया था। उन्हें पिछले साल अगस्त में एक साल का सेवा विस्तार दिया गया था।

कौन हैं राजीव गौबा जिनको दूसरी बार मिला सेवा विस्तार?

गौबा के सेवा विस्तार संबंधी आदेश शुक्रवार को जारी किए गए। कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने झारखंड कैडर के 1982 बैच के आईएएस अधिकारी गौबा को 30 अगस्त, 2022 से आगे एक वर्ष की अवधि के लिए कैबिनेट सचिव के रूप में सेवा में विस्तार को मंजूरी दे दी है।

गौबा को जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 का प्रमुख वास्तुकार कहा जाता है। जम्मू-कश्मीर का विवाद खत्म करने में गौबा का विशेष योगदान माना जाता है। गौबा की टीम ने ही जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 की रणनीति तैयार की थी। जिसके तहत तत्कालीन जम्मू और कश्मीर राज्य को संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत दिए गए विशेष दर्जे को निरस्त करने के बाद दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था।

अर्बन नक्सल की शब्दावली गढ़ने और कार्रवाई में भी सक्रियता 

गौबा, केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में सचिव, गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं। गृह मंत्रालय में कार्यकाल के दौरान उन्होंने वामपंथी चरमपंथियों पर कार्रवाईयां कराई थी। पूरे देश में वामपंथ के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाए गए अभियान की देखरेख व निगरानी राजीव गौबा ने ही की थी।

फिजिक्स ग्रेजुएट हैं राजीव गौबा

राजीव गौबा का जन्में राजीव गौबा ने बिहार के पटना यूनिवर्सिटी से फिजिक्स से ग्रेजुएशन किया है।    वह चार साल तक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष बोर्ड में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर आने के पहले वह झारखंड के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। 15 महीना तक गौबा झारखंड के मुख्य सचिव रहे, 2016 में उनकी केंद्रीय सेवा में वापसी हुई। राजीव गौबा झारखंड कैडर के 1982 बैच के आईएएस (IAS) हैं।

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