Hamid Ansari Controversy: पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्जा (Nusrat Mirza) ने खुलासा किया था कि उसने भारत (India) आकर आईएसआई (ISI) के लिए जासूसी की थी. नुसरत मिर्जा ने कहा था कि भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी (Hamid Ansari) के द्वारा उसे आमंत्रित किया गया था. हालांकि पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया. वहीं इसी बीच बीजेपी ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की नुसरत मिर्जा के साथ की फोटो दिखाई.
बीजेपी ने पूर्व उपराष्ट्रपति का पाकिस्तान के पत्रकार के साथ कथित संपर्क रहने के मुद्दे पर कांग्रेस पर भी प्रहार किया और तस्वीर का हवाला देते हुए दावा किया कि भारत में एक सम्मेलन के दौरान उन दोनों ने मंच साझा किया था. बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने ये तस्वीर दिखाई, जिसमें हामिद अंसारी और मिर्जा 2009 में भारत में आतंकवाद के मुद्दे पर हुए एक सम्मेलन में मंच साझा करते नजर आ रहे हैं.
पूर्व उपराष्ट्रपति ने फोटो पर दी ये सफाई
अब इस मामले पर भी भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के कार्यालय की ओर से बयान जारी किया गया है. हामिद अंसारी के कार्यालय ने कहा कि भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति अपने पहले के बयान पर कायम हैं कि वह पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्जा को कभी नहीं जानते थे. उन्होंने मिर्जा द्वारा उल्लिखित 2010 के सम्मेलन, 2009 के आतंकवाद पर हुए सम्मेलन या किसी भी अन्य सम्मेलन में उसे आमंत्रित नहीं किया था.
नुसरत मिर्जा ने किया है ये दावा
सोशल मीडिया पर वायरल मिर्जा के साक्षात्कार के एक वीडियो क्लिप में उन्हें ये दावा करते देखा जा सकता है कि वह पूर्व उपराष्ट्रपति अंसारी के आमंत्रण पर भारत आए थे और उनसे मिले भी थे. हालांकि, पूर्व उपराष्ट्रपति अंसारी ने मिर्जा के दावों को झूठ का पुलिंदा करार देते हुए खारिज कर दिया था और कहा था कि उन्होंने इस पत्रकार से कभी मुलाकात नहीं की है और ना ही उसे कभी भारत आमंत्रित किया.
बीजेपी ने लगाए ये आरोप
वहीं बीजेपी ने मिर्जा के दावों का हवाला देते हुए पिछले दिनों कहा था कि पूर्व उपराष्ट्रपति अंसारी (Hamid Ansari) ने उसके साथ कई संवेदनशील और अत्यंत गोपनीय सूचना साझा की थी. इसके साथ ही बीजेपी (BJP) के ओर से अब एक तस्वीर दिखाई गई जिसमें हामिद अंसारी और मिर्जा (Nusrat Mirza) 2009 में भारत में आतंकवाद के मुद्दे पर हुए एक सम्मेलन में मंच साझा करते नजर आ रहे हैं. बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि, “अगर हामिद अंसारी चाहते तो वह कह सकते थे कि उस व्यक्ति को सम्मेलन में नहीं बुलाया जाए. उन्होंने कहा कि वह उसके साथ मंच साझा करने से मना कर सकते थे. संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति की जिम्मेदारी भी बड़ी होती है. किसी भी व्यक्ति से ऊपर देश और इसके नागरिकों का हित है.”




