OPS vs EPS: AIADMK में वर्चस्व की लड़ाई, क्या पन्नीरसेल्वम पार्टी के लिए डटे रहेंगे या फिर बीजेपी करेंगे ज्वाइन?

Tamil Nadu OPS vs EPS: तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बड़ा हंगामे भरा रहा. एआईएडीएमके (AIADMK) की वर्चस्व की लड़ाई सड़कों तक आ पहुंची है. आज एआईएडीएमके की जनरल काउंसिल की बैठक को लेकर मद्रास हाई कोर्ट का फैसला आना था, फैसले से पहले ही ओ पन्नीरसेल्वम (O Panneerselvam) और उनके समर्थक एआईएडीएमके हेडक्वार्टर जा पहुंचे और खूब तोड़फोड़ की. पार्टी मुख्यालय के बाहर एडप्पादी के पलानीस्वामी (Edappadi Palaniswami) और ओ पन्नीरसेल्वम गुट के बीच खूब झड़प हुई.

दरअसल पलानीस्वामी पार्टी की जनरल काउंसिल की बैठक करना चाहते थे, लेकिन ओ पन्नीरसेल्वम गुट इसके लिए राजी नहीं था. इसलिए मद्रास हाईकोर्ट में इस बैठक की रोक को लेकर अर्जी दाखिल की गई. पन्नीरसेल्वम को उस वक्त झटका लगा जब मद्रास हाईकोर्ट ने एआईएडीएमके की जनरल काउंसिल मीटिंग को हरी झंडी दे दी.

एआईएडीएमके जनरल काउंसिल की बैठक में ये फैसले लिए गए

वनाग्राम में हुई इस बैठक में कई फैसले लिए गए. इसमें सबसे मुख्य एडप्पादी के पलानीस्वामी को एआईएडीएमके का अंतरिम मुख्य सचिव घोषित किया गया. चार महीनों के भीतर मुख्य सचिव का चुनाव कराया जायेगा. इस बैठक में 16 रेजोल्यूशन लिए गए. जिसमें ओ पन्नीरसेल्वम को पार्टी से बाहर करने का फैसला भी लिया गया. उनके समर्थक वैथिलिंगम और पीएच मनोज पांडियन को भी बाहर कर दिया गया है. साथ ही पार्टी ड्यूल लीडरशिप की बजाय सिंगल लीडरशिप पर होगी. मुख्य सचिव कैडर्स द्वारा चुना जायेगा. साथ ही अंतरिम मुख्य सचिव का पद की बनाया गया है. इसके अलावा पेरियार, अन्नादुरै और जयललिता को भारत रत्न देने की मांग की गई है.

धरने पर बैठे ओ पन्नीरसेल्वम

इस बैठक के बाद ओ पन्नीरसेल्वम धरने पर बैठे. वहीं उनके समर्थकों ने जमकर तोड़फोड़ की. मामले को बढ़ता देख रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने एआईएडीएमके हेडक्वार्टर को सील कर दिया है और इलाके में धारा 144 लगा दी है. अब इस पूरे मामले को ओ पन्नीरसेल्वम गुट कोर्ट तक ले जायेगा. वहीं पलानीस्वामी के अंतर्गत एआईएमडीके की पार्टी होगी. इस बीच अब ओ पन्नीरसेल्वम के राजनीतिक करियर को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं. क्या पन्नीरसेल्वम फैसला आने तक एआईएडीएमके की लड़ाई लड़ेंगे या फिर बीजेपी ज्वाइन करेंगे?

एआईएडीएमके में जारी है वर्चस्व की लड़ाई

जयललिता (Jayalalithaa) के निधन के बाद से ही एआईएडीएमके (AIADMK) के वर्चस्व की लड़ाई खुल कर सामने आती रही है. कभी ओ पन्नीरसेल्वम बनाम एडप्पादी के पलानीस्वामी (OPS vs EPS) के तौर पर तो कभी शशिकला (Shashikala) के द्वारा पार्टी पर हक जताने को लेकर. ऐसे में अभी के लिए भले ही पलानीस्वामी (Edappadi Palaniswami) मुख्य सचिव बनकर एआईएडीएमके पार्टी की कमान संभालेंगे, लेकिन अगले चार साल में पार्टी चुनाव होने के बीच कई उतार चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं क्योंकि जानकार मानते हैं कि इस सियासी शतरंज की बिसात पर शशिकला का दांव अभी बाकी है.

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