हार कर जीतने वाले को धामी कहते हैं! उत्तराखंड उपचुनाव में CM की जीत, कांग्रेस के खाते में गए सिर्फ 3233 वोट

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत उपचुनाव में धमाकेदार जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही वो अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी भी बचाने में कामयाब हो गए हैं। इस सीट पर कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है, यहां कांग्रेस उम्मीदवार निर्मला गहतोड़ी को सिर्फ 3233 वोट मिले हैं।

धामी की यह जीत एक तरह से हार के बाद जीत है। दरअसल उत्तराखंड चुनाव में भाजपा को तो बहुमत मिल गया था लेकिन मुख्यमंत्री धामी चुनाव हार गए थे, धामी को चुनाव से कुछ महीने पहले ही मुख्यमंत्री बनाया गया था। इस हार के बाद कयास लगने लगे कि धामी की जगह कोई और सीएम बनेगा, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने धामी पर भरोसा जताया और सीएम की कुर्सी उन्हें मिल गई।

सीएम बनने के बाद छह महीने के अंदर धामी को विधायक बनाना जरूरी था, नहीं तो उनकी सीएम की कुर्सी छीन जाती। धामी को विधायक बनाने के लिए इस सीट से भाजपा विधायक कैलाश गहतोड़ी ने इस्तीफा दे दिया। फिर इसी सीट से धामी ने उपचुनाव में अपना नामांकन किया। पहले ही चुनाव हार चुके धामी के लिए यह बहुत बड़ी चुनौती थी, हालांकि भाजपा के लिए यह सीट सुरक्षित मानी जाती रही है।

ऐसा नहीं है कांग्रेस ने यहां से धामी को वॉकओवर दे दिया। कांग्रेस ने यहां से निर्मला गहतोड़ी को टिकट दिया, साथ ही राज्य के लगभग सभी दिग्गजों ने उनके समर्थन में चुनाव प्रचार भी किया, लेकिन धामी को वो हरा नहीं सके। कांग्रेस की पुरजोर मेहनत के बाद भी उसे सिर्फ 3233 वोट ही मिले, जो उसके लिए और चिंता की बात है।

वहीं धामी को 58258 यानि कि 92.94 प्रतिशत वोट मिला है। यह एक रिकॉर्ड जीत है। इससे पहले धामी अपनी परंपरागत सीट खटीमा से कांग्रेस प्रत्याशी से 5800 वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे। यही कारण था कि जीत सुनिश्चित करने के लिए भाजपा ने इस सीट पर अपनी पूरी ताकत झोक दी थी। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी धामी के पक्ष में प्रचार कर चुके थे। साथ ही राज्य की कैबिनेट भी चुनाव प्रचार में उतरी हुई थी।

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