Online bahis kullanıcılarının %54’ü haftada en az bir kez canlı bahis oynamaktadır; bu oran bahsegel giriş platformunda %63’tür.

Engellemelerden etkilenmemek için bettilt sık sık kontrol ediliyor.

Bahsegel güncel giriş bahsegel bettilt

OECD raporları, kullanıcıların %52’sinin “kayıp limiti” belirleyen platformları tercih ettiğini göstermektedir; paribahis bu özelliği destekler.

bahsegel giriş bettilt bahsegel bahsegel giriş bahsegel bahsegel giriş bahsegel bettiltguncel.com bettilturk-turk.click bettilt bettilt bahsegel bahsegel bettilt bahsegel giriş

योगी सरकार का फैसला- नए मदरसों को अनुदान पर रोक, भड़के अनुराग भदौरिया बोले- मानक पूरे हों तो दिक्कत क्‍या है

योगी सरकार का फैसला- नए मदरसों को अनुदान पर रोक, भड़के अनुराग भदौरिया बोले- मानक पूरे हों तो दिक्कत क्‍या है

लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने फैसला किया है कि नए मदरसों को अब कोई अनुदान नहीं दिया जाएगा। योगी कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला लिया गया है। राज्य में मौजूदा समय में 558 मदरसों को सरकारी अनुदान दिया जा रहा है।

योगी सरकार के इस फैसले पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने नाराजगी जताई है। उनका सवाल है कि अगर कोई मदरसा सभी मानक पूरे करता है तो अनुदान देने में क्या दिक्कत है?

उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है। अब शिक्षा में भी नफरत की राजनीति करना चाहते हैं। अगर कोई मदरसा मानक पूरे करता है तो अनुदान देने में क्या दिक्कत है? आप चाहते हैं कि मदरसों से भी डॉक्टर-इंजीनियर पैदा हों तो कैसे संभव है जब आप इस तरह भेदभाव करेंगे। ये तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि अगर मदरसा मानक पूरे करता है तो आपको मदद करनी चाहिए क्योंकि वहां भी हिंदुस्तान के बच्चे पढ़ते हैं।”

शिक्षा में भी नफरत की राजनीति : अनुराग भदौरिया
सपा नेता ने कहा कि सरकार इसलिए ऐसा कर रही है क्योंकि वो नफरत की राजनीति को बढ़ावा देना चाहती है और शिक्षा में भी नफरत की बात करना चाहती है ये हिंदुस्तान के लिए चिंता की बात है। सरकार शिक्षा के साथ भी धर्म और जाति की राजनीति करती है। देश में इतने मुद्दे हैं उन पर चर्चा नहीं करते और ज्ञानवापी, ताजमहल, कुतुब मीनार के मुद्दे लेकर आते हैं।

वहीं, मदरसा प्रबंधक अब्दुल्ला ने कहा कि मदरसों में सिर्फ कुरान, हदीस और उर्दू ही नहीं पढ़ाई जाती है। वहां, हिंदी, इंग्लिश, मैथ और साइंस तमाम शिक्षा दी जाती है। अगर सरकार ऐसा कर रही है तो प्रधानमंत्री जी से पूछना चाहिए कि उन्होंने ये बात क्यों कही थी कि एक हाथ में कंप्यूटर और एक हाथ में कुरान देंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Popular

More like this
Related

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश बनेगा ‘ग्लोबल मैनपावर हब’

सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास...

प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर सवाल: एक बेटे की मौत, दूसरा कहां है?

Premanand Maharaj Ashram Controversy: वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के...

ममता बनर्जी ने भी किया CJP का समर्थन, अभिजीत दिपके के साथ कौन-कौन से दल?

CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे...