नई दिल्लीः आखिर कौन है बग्गा के खिलाफ शिकायत करने वाला शख्स, जानिए पूरी कहानी, चिदंबरम ने जताई ये चिंता

नई दिल्लीः आखिर कौन है बग्गा के खिलाफ शिकायत करने वाला शख्स, जानिए पूरी कहानी, चिदंबरम ने जताई ये चिंता

चंडीगढ़, दिल्ली भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने के मामले में राजनीतिक तेज होती जा रही है। वहीं शनिवार को बग्गा के खिलाफ एक और वारंट जारी हुआ है। जिसे मोहाली कोर्ट ने जारी किया है। कोर्ट ने पंजाब पुलिस को आदेश दिया है कि तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया जाये।

बग्गा के खिलाफ दर्ज हुए मामले में एक नाम जो सबसे अधिक उभर कर सामने आता है वो मोहाली के सनी अहलूवालिया का है। दरअसल सन्नी अहलूवालिया ही वो शख्स हैं जिन्होंने तेजिंदर पाल सिंह बग्गा के खिलाफ मोहाली में धार्मिक भावनाओं को भड़काने, समाज में वैमनस्य पैदा करने, घृणा और विद्वेष की भावना को बढ़ावा देने के लिए भड़काऊ और झूठे बयान देने का आरोप लगाया था। इसके चलते बग्गा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए, 505 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इसके बाद से ही बग्गा को पंजाब पुलिस नोटिस भेज रही थी। वहीं शुक्रवार को बग्गा को दिल्ली में उनके घर से पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया था। लेकिन पंजाब पुलिस की टीम को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हरियाणा पुलिस द्वारा रोक लिया गया। जिसके बाद बग्गा को दिल्ली पुलिस वापस दिल्ली लेकर आई।

फिलहाल इन सबके बीच अहलूवालिया ने अपने बारे में बताया कि वो 2016 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। तब से ही आप के सक्रिय सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि वह 2021 से पहले मोहाली के आप प्रभारी थे और पंजाब आप के संयुक्त सचिव भी रहे हैं।

2000 में दंत चिकित्सा में स्नातकोत्तर करने वाले अहलूवालिया ने मोहाली में एक दंत चिकित्सक के रूप में अपनी प्रैक्टिस शुरू की। मौजूदा समय में सनी मोहाली के सेक्टर-69 में अपना डेंटल क्लिनिक चलाते हैं। वह ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के विशेषज्ञ हैं।

वहीं बग्गा की गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए अहलूवालिया ने आरोप लगाया कि बग्गा अक्सर विवादास्पद बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि आप शासित पंजाब की पुलिस ने केवल अपना काम किया है।र रही थी। उन्होंने कहा, “शुक्रवार को बग्गा को मोहाली ले जाते समय हरियाणा पुलिस ने जिस तरह से पंजाब पुलिस की टीम को कुरुक्षेत्र में रोका और फिर बाद में दिल्ली पुलिस को सौंप दिया यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।”

उन्होंने कहा कि बग्गा की गिरफ्तारी में कोई राजनीति नहीं है। उनके द्वारा की गई विवादित पोस्ट के लिए मामला दर्ज किया गया था। उनके पोस्ट से समुदायों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। आप बग्गा का पिछला रिकॉर्ड देख सकते हैं। अरविंद केजरीवाल के आवास पर हमले की योजना में भी वो शामिल थे।

अहलूवालिया ने कहा, “बग्गा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने को लेकर मुझे किसी ने नहीं कहा, मेरी पार्टी ने भी नहीं। लेकिन मैं बग्गा और उनकी टिप्पणियों को सहन नहीं कर सका। वह(बग्गा) ‘हम केजरीवाल को जीने नहीं देंगे’ जैसी बातें कैसे कह सकते हैं।”

कांग्रेस नेता चिदंबरम की चिंता: पंजाब-दिल्ली पुलिस के बीच भिड़ंत को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने केंद्र और पंजाब सरकार के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर राज्य पुलिस बलों पर “अपने राजनीतिक आकाओं की सेवा” करने का आरोप लगाया। उन्होंने आगाह किया कि पंजाब, दिल्ली और हरियाणा की पुलिस आपस में टकरा गईं। यह इस बात की मिसाल है कि भविष्य में क्या हो सकता है।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “एक राज्य की पुलिस को दूसरे राज्य की पुलिस की सहमति लेनी चाहिए। नहीं तो संघवाद नष्ट हो जाएगा। मैंने असम पुलिस द्वारा जिग्नेश मेवानी को गिरफ्तार किए जाने के समय भी ट्वीट किया था।”

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