बर्लिन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने सोमवार को बर्लिन में जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज (Olaf Scholz) के साथ बैठक की। बताया गया है कि दोनों नेता भारत-जर्मनी सहयोग का विस्तार करने के लिए तत्पर हैं। दोनों नेताओं के बीच रूस यूक्रेन जंग समेत कई मुद्दों पर बात हुई। इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। नरेंद्र मोदी और ओलाफ स्कोल्ज ने भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श के छठे संस्करण में भाग लिया। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतर-सरकारी परामर्श एक अद्वितीय द्विवार्षिक संवाद तंत्र है जो हमारी सरकारों को द्विपक्षीय मामलों के व्यापक स्पेक्ट्रम पर समन्वय करने की अनुमति देता है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने ओलाफ स्कोल्ज के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक भारत और जर्मनी के बीच द्विवार्षिक अंतर-सरकारी परामर्श (आईजीसी) के छठे दौर से पहले आयोजित की गई थी। प्रधानमंत्री को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और चांसलर स्कोल्ज ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने आमने-सामने के प्रारूप में मुलाकात की, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। चर्चा में समग्र रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक विकास के तहत द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया।
भारत के प्रधानमंत्री के कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर स्कोल्ज की बर्लिन में मुलाकात हुई है। दोनों नेता भारत-जर्मनी सहयोग को विस्तार देने पर बात कर रहे हैं।
इससे पहले अपनी तीन दिवसीय यूरोप यात्रा के पहले चरण में जर्मनी पहुंचे पीएम मोदी का बर्लिन में भारतीय प्रवासियों ने जोरदार स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के उन सदस्यों का अभिवादन किया जो बर्लिन के होटल एडलॉन केम्पिंस्की में उनके आगमन की प्रतीक्षा कर रहे थे। होटल में कई बच्चे अपने माता-पिता के साथ प्रधानमंत्री के आगमन पर मौजूद थे। प्रधानमंत्री को देखते ही लोगों ने ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।
बातचीत के साथ-साथ नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ बातचीत करने के लिए पीएम मोदी का मंगलवार को डेनमार्क जाने का भी कार्यक्रम है। वह बुधवार को पेरिस में नवनिर्वाचित फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे।




