लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के प्रचार के दौरान एक-दूसरे पर जमकर निजी हमले करने के बाद सोमवार (28 मार्च 2022) को सपा प्रमुख और सदन में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ की पहली बार मुलाकात हुई। नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान दोनों के बीच यह मुलाकात हुई तो सबकी नजरें इन पर एकटक ली हुई थीं।
सीएम योगी चलकर अपनी सीट की तरफ जा रहे थे, इस दौरान अखिलेश यादव ने आगे बढ़कर उनका अभिवादन किया और उनकी ओर हाथ बढ़ाया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी मुस्कुराहट के साथ हाथ मिलाया और अखिलेश यादव के कंधे पर हाथ भी रखा। अखिलेश यादव इस दौरान सीएम योगी के चेहरे की ओर देखते रहे और मुस्कुराते रहे, लेकिन यहां गौर करने वाली बात ये रही कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार अखिलेश यादव के साथ नजरें नहीं मिलाईं।
#WATCH Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath meets Leader of Opposition Akhilesh Yadav in the Legislative Assembly during oath-taking of newly-elected legislators #Lucknow pic.twitter.com/7r6fX7ErjX
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) March 28, 2022
दोनों के बीच हुई इस मुलाकात की वीडियो क्लिप देखकर स्पष्ट नजर आ रहा है कि सीएम योगी ने एक बार भी अखिलेश यादव से नजरें नहीं मिलाईं, जबकि अखिलेश यादव ने एक बार नजर उनके चेहरे की ओर से हटाई नहीं। वह लगातार मुस्कुराते हुए सीएम योगी की तरफ देखते रहे, लेकिन सीएम योगी ने उनसे चलते-चलते वाली मुद्रा में उनका अभिवादन स्वीकार किया और आगे बढ़ गए।
यूपी चुनाव 2022 के प्रचार के दौरान तो अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ में तल्खी दिखी ही थी, लेकिन परिणाम आने के बाद भी ये कम होती नहीं दिखी। योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के स्टेडियम में 25 मार्च 2022 को संपन्न हुए अपने शपथ ग्रहण समारोह के लिए खुद सपा प्रमुख अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव को फोन करके निमंत्रण दिया था, लेकिन अखिलेश शपथ ग्रहण में नहीं गए।
अखिलेश यादव ने निमंत्रण आने से पहले ही पत्रकारों से कह दिया था कि उन्हें नहीं लगता है कि उनको शपथ ग्रहण में बुलाया जाएगा और अगर बुलाया जाएगा भी तो वह नहीं जाएंगे। इसके बाद योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न होने के बाद अखिलेश यादव ने बधाई देने के साथ भी तंज कस दिया था। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि नई सरकार को बधाई कि उसने सपा के बनाए स्टेडियम में शपथ ली, लेकिन शपथ केवल सरकार बनाने की नहीं बल्कि जनता की सच्ची सेवा करने की भी लेना चाहिए।




