अभी खत्म नहीं हुई है योगी-अखिलेश की ‘जंग’, राज्यसभा चुनाव में दिखेगा रोचक मुकाबला

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर समाजवादी पार्टी को करारी मात दे दी। हालांकि सूबे की दोनों सबसे बड़ी पार्टियों के सबसे बड़े नेताओं की जंग अभी खत्म नहीं हुई है। जल्द ही दोनों नेताओं की परीक्षा विधानपरिषद चुनाव में और फिर राज्यसभा चुनाव में होगी।

राज्यसभा की एक सीट पर फंसेगा खेल
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के कोटे की 11 राज्यसभा सीटें जुलाई में खाली हो रही हैं। इनमें से 7 पर भाजपा तो 3 पर समाजवादी पार्टी की जीत तय मानी जा रही है। हालांकि 11वीं सीट पर बाजी कौन मारेगा, इसी से दोनों नेताओं के पॉलिटिकल सिस्टम का अंदाजा लगाया जाएगा। इन 11 सीटों में से पांच पर भाजपा, तीन पर सपा, दो पर बसपा और एक पर कांग्रेस का कब्जा है।

यूं तय होगा यूपी विधानसभा से राज्यसभा का गणित
उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें हैं। इस हिसाब से राज्यसभा के किसी उम्मीदवार को उच्च सदन तक पहुंचने के लिए कम से कम 37 विधायकों के वोटों की जरूरत होगी। एनडीए के पास फिलहाल 273 विधायक हैं, यानी भाजपा गठबंधन बड़ी आसानी से सात सीटों पर कब्जा कर लेगा। वहीं सपा के पास 125 विधायक हैं, यानी वह तीन लोगों को राज्यसभा बड़ी आसानी से भेज देगी। अब बची हुई सीट पर रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा। इस सीट को जीतने के लिए बसपा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और कांग्रेस के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। अब इन दलों के विधायक किस पार्टी का समर्थन करते हैं, यह तो वक्त ही बताएगा।

ये राज्यसभा सांसद होंगे रिटायर
उत्तर प्रदेश के जो 11 सांसद राज्यसभा से जुलाई में रिटायर होने जा रहे हैं, उनमें भाजपा के शिव प्रताप शुक्ला, संजय सेठ, जफर इस्लाम, सुरेंद्र नागर और जय प्रकाश निषाद शामिल हैं। इसके अलावा सपा के विशंभर प्रसाद निषाद, सुखराम सिंह यादव और रेवती रमण सिंह के अलावा बसपा के अशोक सिद्धार्थ, सतीश चंद्र मिश्रा और कांग्रेस के कपिल सिब्बल भी इसी लिस्ट में शामिल हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश से 31 राज्यसभा सांसद चुने जाते हैं। इस वक्त इनमें से 22 पर भाजपा, पांच पर सपा, तीन पर बसपा और एक पर कांग्रेस का कब्जा है।

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