क्या है हिजाब पहनने के नियम और नकाब, बुर्का, दुपट्टा, शायला से कैसे है अलग?

क्या है हिजाब पहनने के नियम और नकाब, बुर्का, दुपट्टा, शायला से कैसे है अलग?

कर्नाटक में लंबे समय से चले आ रहे हिजाब विवाद (Karnataka Hijab Row) पर कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने अपना फैसला सुना दिया है. हाईकोर्ट ने हिजाब मामले में कहा है कि स्कूल-कॉलेज में हिजाब पहनना जरूरी नहीं है. इसके साथ ही हिजाब पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं. साथ ही कोर्ट ने कहा है कि हिजाब पहनना इस्लाम (Hijab In Islam) की अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं है और इस पर प्रतिबंध को लेकर छात्र कोई आपत्ति दर्ज नहीं कर सकते हैं. इसके बाद से सोशल मीडिया पर हिजाब को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और इसे कई लोग आजादी से जोड़ रहे हैं.

दरअसल, इस्लाम में सिर्फ हिजाब ही नहीं, कई अन्य परिधान पहनने की परंपरा रही है, जिसमें बुर्का, नकाब आदि शामिल है. ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं कि आखिर हिजाब, बुर्का, नकाब, दुपट्टा आदि क्या होते हैं और यह एक दूसरे से किस तरह से अलग हैं. साथ ही जानते हैं इन्हें पहनने को लेकर क्या नियम होते हैं.

क्या होता है हिजाब?

हिजाब… नकाब, बुर्का आदि से काफी अलग होता है. कहा जाता है कि हिजाब का मतलब पर्दे से है. कुरान में पर्दे का मतलब किसी कपड़े के पर्दे से नहीं बल्कि पुरुषों और महिलाओं के बीच के पर्दे से है. वहीं, हिजाब में बालों को पूरी तरह से ढकना होता है यानी हिजाब का मतलब सिर ढकने से है. किसी भी कपड़े से महिलाओं का सिर और गर्दन ढके होना ही असल में हिजाब कहा जाता है, लेकिन महिला का चेहरा दिखता रहता है. यानी हिजाब में बाल, कान, गला ढकने के लिए कहा जाता है, लेकिन चेहरा दिखता है. हालांकि, अब कोर्ट ने इसे इस्लाम में अनिवार्य नहीं बताया है.

बुर्के और नकाब आदि के क्या हैं नियम?

नकाब- नकाब एक तरह से कपड़े का परदा होता है, जो सिर और चेहरे पर लगा होता है. इससे महिला बाहर की दुनिया दख सकती है लेकिन नक़ाब उसके चेहरे को दुनिया से छिपाता है. लेकिन इसमें आंखों को ढका नहीं जाता है. यानि आंखे खुली रहती हैं. यह चेहरे पर बंधा होता है. इसके साथ एक तरह का कपड़ा होता है, जिसमें महिला सिर से लेकर पांव तक ढकी रहती है. आमतौर पर नक़ाब बुर्के का ही हिस्सा होता है. लेकिन कुछ जगहों पर अलग से भी नक़ाब पहना जाता है.

बुर्का- बुर्का एक चोले की तरह होता है, जिसमें महिलाओं का शरीर पूरी तरह से ढका होता है. इसमें सिर से लेकर पांव तक पूरा शरीर ढकने का साथ आंखों पर एक पर्दा किया जा सकता है. इसके लिए आंखों के सामने एक जालीदार कपड़ा लगा होता है, जिससे कि महिला बाहर का देख सके. इसमें महिला के शरीर का कोई भी अंग दिखाई नहीं देता. कई देशों में इसे अबाया भी कहा जाता है.

दुपट्टा- दुपट्टा काफी आम परिधान है. यह एक तरह से लंबा स्कार्फ होता है, जिससे सिर ढका होता है और यह कंधे पर रहता है. यह महिला की ड्रेस से मैचिंग का भी हो सकता है. साउथ एशिया में इसका इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है और इसे शरीर पर इसे ढिले-ढाले तरीके से ओढ़ा जाता है. यह हिजाब की तरह नहीं बांधा जाता है.

अल-अमीरा- रिपोर्ट्स के अनुसार, यह दो कपड़ों का सेट होता है. एक कपड़े को टोपी की तरह सिर पर पहना जाता है. दूसरा कपड़ा थोड़ा बड़ा होता है जिसे सिर पर लपेटकर सीने पर ओढ़ा जाता है.

शायला- कई जगह शायला का भी इस्तेमाल किया जाता है. यह एक चौकोर स्कार्फ होता है जिससे सिर और बालों को ढंका जाता है. इसके दोनों सिरे कंधों पर लटके रहते हैं. आम तौर पर इसमें गला दिखता रहता है. खाड़ी देशों में शायला बहुत लोकप्रिय है. यह हिजाब से मिलता जुलता है.

चिमार- यह भी हेड स्कार्फ से जुड़ा हुआ एक दूसरा स्कार्फ होता है जो काफी लंबा होता है. इसमें चेहरा दिखता रहता है, लेकिन सिर, कंधें, छाती और आधी बाहों तक शरीर पूरी तरह ढंका हुआ होता है. यह हिजाब से थोड़ा बड़ा होता है.

हर धर्म में है सिर ढकने की परंपरा

वैसे हिजाब के अलावा अन्य धर्मों में अन्य तरीकों से सिर ढकने की परंपरा है. ऐसे में हर धर्म के हिसाब से लोग अलग अलग चीजों के जरिए सिर ढकते हैं, जिसमें दस्तार, टागलमस्ट, माइटर, बिरेट, शट्राइमल, किप्पा आदि शामिल है.

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