नई दिल्ली, रूस और यूक्रेन के बीच 11वें दिन के बाद भी युद्ध जारी है। दोनों देशों के बीच स्थिति लगातार बिगड़ती ही जा रही है। हालांकि यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से फोन पर बात कर रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने को कहा है। इससे पहले, यूक्रेन ने रूस को हराने के लिए पश्चिम से और सैन्य सहयोग देने की मांग की है। हालांकि, पुतिन ने पश्चिम को चेताया है कि यदि नो फ्लाइ जोन का निर्धारण नहीं हो पाया तो युद्ध और भीषण हो जाएगा।
आपरेशन गंगा के तहत अपने नागरिकों को निकाल रहे हैं हम- पीएम
PM मोदी ने पुणे में कहा कि यहां रहने वाले लोग तो अच्छी तरह जानते हैं कि कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर भारत ने किस तरह पूरी दुनिया के सामने अपना सामर्थ्य दिखाया है। अभी आप लोग यूक्रेन संकट के समय भी देख रहे हैं कि कैसे आपरेशन गंगा चलाकर भारत अपने नागरिकों को युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाल रहा है।
भारत ने यूक्रेन को भेजा सामान
भारत ने भारतीय वायु सेना की विशेष उड़ान के माध्यम से पोलैंड के रास्ते यूक्रेन को मानवीय सहायता भेजी है।
हंगरी में स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि आज आपरेशन गंगा फ्लाइट के अंतिम चरण की शुरुआत की गई है। अपने स्वयं के आवास (दूतावास द्वारा व्यवस्थित के अलावा) में रहने वाले सभी छात्रों से अनुरोध किया जाता है कि वे हंगरी,राकोजी UT 90, बुडापेस्ट में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच पहुंचें।
भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को संपर्क करने के लिए कहा
भारतीय दूतावास ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों से उनके मोबाइल नंबर और स्थान के साथ तत्काल उनसे संपर्क करने को कहा है।
भारतीय दूतावास ने बुडापेस्ट में बनाया कंट्रोल रूम
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को देखते हुए भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। इसी बीच भारत के दूतावास ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों की निकासी के समन्वय के लिए बुडापेस्ट में एक कंट्रोल रूम बनाया है।




