लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अंतिम चरण के मतदान नजदीक आते ही 2017 के मुकाबले 2022 के विधानसभा चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों की विस्तृत तुलनात्मक रिपोर्ट भी सामने आ गई है। 2017 के मुकाबले में 2022 में चुनाव के मैदान में उतरे प्रत्याशी हर मामले में आगे हैं।
उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) ने इस रिपोर्ट को जारी किया है। जिसमें 2017 विधानसभा चुनाव की अपेक्षा 2022 में दागी प्रत्याशियों में हुई बढ़ोत्तरी होने के साथ धनकुबेर प्रत्याशियों में नौ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। 2017 के अपेक्षा 2022 में महिलाओं उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो गई है। 2022 में पहले से सातवें चरण तक चुनाव लडऩे वाले 4442 में से 4406 उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया है इन 4406 उम्मीदवारों में से 1209 राष्ट्रीय दलों से , 921 राज्य दलों से, 1266 गैर मान्यता प्राप्त दलों से और 1010 निर्दालिये उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे है वही 36 उम्मीदवारों का शपथपत्र स्पष्ट ना होने के कारण उनका विष्लेषण नहीं किया जा सका।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में उतरे 4406 में से 1142 प्रत्याशी (26 प्रतिशत) ने अपने आपराधिक मामले घोषित किये हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में 4823 में से 859 (18 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किये थे। इस बार 889(20प्रतिशत) ने ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किये हैं। विधानसभा चुनाव 2017 में 704 (15 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किये थे। घोषित आपराधिक मामले दलवार इस प्रकार है समाजवादी पार्टी के 347 में से 224 (65 प्रतिशत), सुहेलदेव भारतीये समाज पार्टी के 19 में से 11 (58 प्रतिशत), राष्ट्रीय लोकदल के 33 में से 19 (58 प्रतिशत), भाजपा के 374 में से 169 (45 प्रतिशत), काग्रेस के 397 में से 160 (40 प्रतिशत), बसपा के 399 में से 153 (38 प्रतिशत), अपना दल (सोने लाल) के 17 में से 6 (35 प्रतिशत) और आम आदमी पार्टी 345 में से 62 (18 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषत किये। गंभीर आपराधिक मामले में भी सपा के 347 में से 163 (47 प्रतिशत), सुहेलदेव भारतीये समाज पार्टी के 19 में से 11 (58 प्रतिशत), आरएलडी के 33 में से 17 (52 प्रतिशत),भाजपा के 374 में से 131 (35 प्रतिशत), कांग्रेस के 397 में से 108 (27 प्रतिशत ), बसपा के 399 में से 199 (30 प्रतिशत), अपना दल (सोने लाल ) के 17 में से 4 (24 प्रतिशत) और आम आदमी पार्टी के 345 में से 50 (15 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है। 69 उम्मीदवारों ने महिलाओं के ऊपर अत्याचार से संबंधित मामले घोषित किये हैं। इन 69 में से दस ने अपने ऊपर दुष्कर्म (आईपीसी-376) से संबंधित मामला घोषित किया है। 37 ने हत्या (आईपीसी-302), 159 उम्मीदवारों ने हत्या का प्रयास (आईपीसी-307) से सम्बन्धित मामले घोषित किये हैं।
विधानसभा चुनाव 2022 में 403 में से 226 (56 प्रतिशत) संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र है, जहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किये है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में 152 (38प्रतिशत) संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र थे जहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किये थे।
उत्तर प्रदेश विधानसभ चुनाव 2022 में करोड़पति उम्मीदवारों कि बात करे तो 4406 में से 1733 (39 प्रतिशत) करोड़पति उम्मीदवार है। विधानसभा चुनाव 2017 में 4823 में से 1457 (30 प्रतिशत) उम्मीदवार करोड़पति थे। करोड़पति उम्मीदवार दलवार की बात करे तो आरएलडी के 33 में से 31 (94 प्रतिशत), भाजपा के 374 में से 335 (90 प्रतिशत), समाजवादी पार्टी के 347 में से 302 (87 प्रतिशत), बसपा के 399 में से 315 (79 प्रतिशत), अपना दल (सोनेलाल) के 17 में से 12 (71 प्रतिशत), सुहेलदेव भारतीये समाज पार्टी के 19 में से 13 (68 प्रतिशत) कांग्रेस के 397 में से 198 (50 प्रतिशत) और आम आदमी पार्टी के 345 में से 112 (33 प्रतिशत) प्रत्याशी करोड़पति हैं। इन सभी की घोषित संपत्ति एक करोड़ रुपया से अधिक की है। सर्वाधिक संपत्ति घोषित करने वाले शीर्ष तीन में पहले स्थान में रामपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार नवाब काजिम अली खां है। जिन्होंने अपनी संपत्ति 296 करोड़ बताई है। दूसरे स्थान पर आजमगढ़ के मुबारकपुर से एआइएमआइएम के शाह आलम (गुड्डू जमाली) हैं। जिनकी संपत्ति 195 करोड़ है। तीसरे स्थान पर बरेली के बरेली कैंट विधानसभा से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी सुप्रिया ऐरन हैं, इनकी संपत्ति 157 करोड़ की है।
उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 के पहले से सातवें चरण में उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 2.87 करोड़ रुपए है। 1810 (41प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी देनदारी घोषित की है जबकी 233 (5 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपना पैन विवरण घोषित नहीं किया है।
विधानसभा चुनाव 2022 के पहले से सातवें चरण में 1551 (35 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षिक योग्यता पांचवीं और 12वीं के बीच घोषित की है। 2477 (56 प्रतिशत) ने शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे ज्यादा घोषित की हैं। 39 उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा धारक घोषित की हैं वहीं 254 उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता साक्षर और 54 उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता निरक्षर घोषित की है। 31 ने अपनी शैक्षिक योग्यता घोषित नहीं की है।
इस बार के चुनाव में 1582(36 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 25 से 40 वर्ष के बीच घोषित की है। 2285 (52 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 41 से 60 वर्ष के बीच घोषित की है। 535 (12 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 61 से 80 वर्ष के बीच घोषित की हैं। इनमें चार उम्मीदवारों ने अपनी आयु 80 वर्ष से अधिक घोषित की हैं।
विधानसभा चुनाव 2022 में 560 (13 प्रशित) महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही हैं। विधानसभा चुनाव 2017 में 4823 में से 445 (9 प्रतिशत) महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही थीं।




