कुशीनगर: यूपी विधानसभा चुनाव में फाजिलनगर विधानसभा सीट सभी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है। यहां भाजपा छोड़कर आए स्वामी प्रसाद मौर्य पर सपा गठबंधन ने दांव लगाया है। जबकि इस सीट पर लंबे समय से प्रत्याशी बनने का ख्वाब देख रहे सपा नेता और पूर्व जिलाध्यक्ष इलियास अंसारी बगावती तेवर दिखाकर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने इस सीट पर विधायक गंगा सिंह कुशवाहा के बजाय उनके पुत्र सुरेंद्र कुशवाहा पर भरोसा जताया है। कांग्रेस ने सुनील उर्फ मनोज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। सियासी जानकारों का कहना है कि इस सीट पर लड़ाई काफी रोमांचक है। ऐसे में कुछ कहा नहीं जा सकता है कि नतीजे क्या होंगे। सपा, भाजपा और अन्य दल भी इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं।
बिरादरी के वोटों को लेकर खींचतान
यह सीट कुशवाहा बिरादरी के प्रभाव वाली मानी जाती है। इस सीट पर पिछड़ी जाती चनऊ और अल्पसंख्यकों का भी खासा प्रभाव है। जातीय समीकरणों को साधते हुए ही सभी दलों ने यहां व्यूह रचना की है। एक ओर जहां स्वामी प्रसाद मौर्य और सुरेंद्र कुशवाहा में बिरादरी के वोटों को अपनी ओर ज्यादा से ज्यादा खींचतान को लेकर रस्साकशी है तो वहीं दूसरी ओर अन्य दल इसमें वोट काटने के प्रयास में हैं।
बसपा ने किया मुस्लिम मतदाता सहेजने का प्रयास
इस सीट पर बसपा ने प्रत्याशी इलियास अंसारी को उतारकर मुस्लिम मतदाताओं को सहेजने का प्रयास किया है। वहीं कांग्रेस ने भी सुनील उर्फ मनोज सिंह को चनऊ और अन्य वोटरों को साधने के लिए मैदान में उतारा है। यह सीट भाजपा और सपा दोनों ही दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है।
सीएम योगी और अखिलेश यादव भी कर चुके जनसभा
इस सीट पर प्रत्याशी के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ और पूर्व सीएम अखिलेश यादव दोनों ही लोग जनसभा कर चुके हैं। इसी के साथ कई बड़े नेता भी यहां पहुंचकर चुनाव प्रचार में अपना योगदान दे चुके हैं। फिलहाल जनता का फैसला क्या होगा यह तो मतदान के दिन ही समझ में आएगा और परिणाम 10 मार्च को पता चलेगा।
2017 का यह था परिणाम
2017 के विधानसभा चुनाव में फाजिलनगर में भाजपा के गंगा सिंह कुशवाहा को 1,02,778 वोटो मिले थे। जबकि सपा के विश्वनाथ सिंह 60,856 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे। वहीं बसपा के जगदीश प्रसाद 34,250 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर थे।




