नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन की जंग के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से बेहद खतरनाक संकेत सामने आए हैं। पुतिन ने रविवार को देश के परमाणु प्रतिरोधी बलों को विशेष अलर्ट पर रखने का आदेश जारी किया। पुतिन का कहना है कि पश्चिमी देश रूस के खिलाफ उकसाने वाली कार्रवाई कर रहे हैं। यही नहीं प्रमुख नाटो देशों के शीर्ष अधिकारी भी रूस के खिलाफ आक्रामक बयान दे रहे हैं। पुतिन के इस आदेश को एक वैश्विक खतरे के रूप में देखा जा रहा है। जानें क्या हैं इसके मायने…
विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर परमाणु हथियारों का प्रयोग युद्ध में अंतिम विकल्प के तौर पर किया जाता है। यूक्रेन युद्ध तो अभी तीन दिन पुराना ही है और रूस को ऐसा कोई नुकसान भी नहीं हुआ है। ऐसे में यह बयान चौंकाने वाला है…
जंग शुरू होने से पहले भी दी थी धमकी
यूक्रेन के खिलाफ युद्ध शुरू होने के समय भी पुतिन ने पश्चिमी देशों को अपनी एटमी ताकत की धमकी दी थी। इस बार भी उन्होंने अपने संबोधन में नाटो देशों के बयानों का जिक्र किया है।
पुतिन के आदेश का मतलब…
पुतिन ने न्यूक्लियर डिटरेंट फोर्स को काम्बैट यानी युद्ध की विशेष परिस्थितियों के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि देश के परमाणु हथियार अब प्रयोग के लिए तैयार रखे जाएंगे।
यूक्रेन के पास नहीं है परमाणु हथियार
जहां तक यूक्रेन का सवाल है तो उसके पास परमाणु हथियार नहीं हैं। दरअसल जब सोवियत संघ का विघटन हुआ था तो यूक्रेन ने अपने सभी परमाणु हथियार रूस को दे दिए थे। हाल ही में पुतिन ने कहा था कि यूक्रेन को परमाणु हथियार नहीं हासिल करने देंगे…
भारत की ‘नो फर्स्ट यूज’ की नीति
भारत भी परमाणु संपन्न राष्ट्र है, लेकिन वह ‘नो फर्स्ट यूज’ की नीति का पालन करता है। इसका मतलब है कि युद्ध के समय वह परमाणु हथियार का प्रयोग पहले नहीं करेगा। लेकिन पुतिन के मौजूदा आदेश ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है…
परमाणु हथियारों को लेकर नाटो की यह है नीति
नाटो की भी परमाणु हथियारों को लेकर स्पष्ट नीति है। इसमें उनके अंतिम विकल्प के रूप में प्रयोग की बात कही गई है। हालांकि पुतिन के बयान के बाद अमेरिका और नाटो समेत कई मुल्कों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। नाटो प्रमुख ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया है…
दुनिया देख चुकी है विभिषिका
द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु बम गिराए थे जिससे भीषण तबाही हुई थी। आज भी वहां के लोग इसका दुष्परिणाम झेल रहे हैं।
रूस के पास घातक परमाणु हथियार
रूस के पास विश्व में सबसे अधिक करीब 6,000 परमाणु हथियार हैं। जानकारों के मुताबिक, इनमें से अधिकांश हथियार रिजर्व में रखे जाते हैं। युद्ध की स्थिति में प्रयोग के लिए रूस करीब 1,600 परमाणु हथियार थल, जल और नभ माध्यमों के जरिये तैनात कर रखे हैं।
रूस के अलावा दुनिया की एटमी ताकतें
रूस की ओर से तैनात की गई मिसाइलों में इनमें लांचर से दागी जाने वाली परमाणु मिसाइल और युद्धक विमान से गिराए जाने वाले परमाणु बम शामिल हैं। विश्व में रूस के अलावा अमेरिका, चीन, फ्रांस, यूनाईटेड किंगडम, फ्रांस, पाकिस्तान, भारत, इजरायल और उत्तर कोरिया के पास ऐसे घातक हथियार हैं।




