नई दिल्ली। रूस ने यूक्रेन के खिलाफ महायुद्ध (Russia-Ukraine Conflict) छेड़ दिया है। सभी मान रहे कि यह वर्ल्ड वार-3 की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, रूसी हमले को रोकने के लिए नॉटो अभी सीधे तौर पर हमले की चेतावनी नहीं दे रहा। माना जा रहा है कि अगर वे ऐसा करते हैं रूस अपने महाविनाशक हथियारों का इस्तेमाल करेगा, जो पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होगा। रूस ने हाल ही में महाविनाशक हथियार किंझल (Kinzhal hypersonic missile) का परीक्षण भी किया है। इनकी तैनाती रूस के कॉलिनग्राद शहर में की गई है। आइए जानते हैं यह महाविनाशक हथियार आखिर है क्या बला और क्यों पूरी दुनिया इससे खौफ खाती है।
दरअसल, किंझल एक हाइपरसोनिक परमाणु मिसाइल है। दावा किया जाता है कि किंझल मिसाइलों की गति साउंड यानी आवाज से भी दस गुना अधिक है। यह मिसाइल दो हजार किलोमीटर की मारक क्षमता से लैस है। यही नहीं, किंझल मिसाइल में परमाणु बम गिराने की भी क्षमता है। यह पांच हजार किलोटन तक का परमाणु बम ले जाने में सक्षम है। यह मिसाइल तीन किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से हमला करती है। इस मिसाइल के आगे दुनियाभर के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम भी फेल साबित होते हैं। अमरीका के नॉटो के पास भी अभी इस मिसाइल का तोड़ नहीं है।
किंझल मिसाइल बाल्टिक सागर के पास कालिनग्रॉद शहर में रखी गई है। माना जाता है कि अगर यह मिसाइल इस जगह से दागी जाती है तो यह कई यूरोपिय देशों को भी चपेट में ले सकती है। दावा यह भी किया जाता है कि रूस चाहे तो किंझल मिसाइल से नाटो देशों पर दस मिनट के भीतर हमला कर सकता है। ऐसे में देशों को संभलने का मौका भी नहीं मिलेगा।
रूस के हमले के बाद यूक्रेन ही नहीं, तमाम देशों के लोग बेचैन हैं, मगर कोई भी रूस को रोकने की स्थिति में फिलहाल नहीं दिख रहा। दुनिया की महाशक्तियां भी रूस के आगे बेबस दिखाई पड़ रही हैं।




