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मणिपुर में हर पार्टी का प्रत्याशी चुनाव प्रचार से पहले फहराता है झंडा, जानिये इसके पीछे की रोचक कहानी

मणिपुर में हर पार्टी का प्रत्याशी चुनाव प्रचार से पहले फहराता है झंडा, जानिये इसके पीछे की रोचक कहानी

नई दिल्ली, मणिपुर विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की तरफ से प्रचार अभियान शुरू करने से पहले ध्वज समारोह करने की एक प्रथा है। इसमें हर प्रत्याशी अपने चुनाव प्रचार की शुरूआत से पहले अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ध्वजारोहण समारोह में झंडा फहराता है और लोगों से आशीर्वाद लेता है। यह मणिपुर विधानसभा चुनावों में सबसे खास बात और धर्म, जाति, समुदाय से ऊपर है।

बता दें कि यह समारोह एक खास तारीख पर उम्मीदवार के निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित किया जाता है। इस आयोजन में पार्टी का झंडा फहराने और उम्मीदवार के लिए पुजारी द्वारा प्रार्थना की जाती है। इसके बाद समुदाय के बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया जाता है। हर उम्मीदवार के लिए इसका पैमाना और समारोह अलग-अलग होता है। बता दें कि मैतेई बहुल इम्फाल घाटी में एथेनपोट थिंबा नामक एक प्रथा ध्वजारोहण समारोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस प्रथा में समुदाय की महिलाएं तरह-तरह के फल और सब्जियां, चावल, पारंपरिक स्नैक्स और फूल लेकर जाती हैं और उन्हें पार्टी के झंडे के आधार पर जमा करती हैं। उम्मीदवार को उनके चुनाव के लिए शुभकामनाएं देने के साथ उपहार भी दिए जाते हैं। समारोह की तारीख कुछ क्षेत्रों में ज्योतिषीय भविष्यवाणियों के आधार पर रखी जाती है। उदाहरण के लिए, 14 फरवरी को कई उम्मीदवारों ने अपना ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया, क्योंकि यह एक शुभ दिन माना जाता था।

विशेषज्ञों का कहना है कि ध्वजारोहण समारोह एक तरह से उम्मीदवारी को लेकर सार्वजनिक घोषणा करना है। बता दें कि इसमें जिस विशेष निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार खड़ा हो रहा है, वह इस समारोह के जरिए घोषणा करता है कि वह चुनावी मैदान में है। इसके जरिए यह संकेत दिया जाता है कि कौन सा उम्मीदवार कितना मजबूत या लोकप्रिय है।

यह समारोह चुनाव प्रचार से पहले मतदाताओं से आशीर्वाद लेने का एक तरीका भी है। हालांकि यह साफ नहीं है कि इस समारोह की शुरुआत कब से हुई। लेकिन अब यह मणिपुर विधानसभा चुनाव में एक परंपरा बन गई है। कई लोगों का मानना है कि यह काफी समय से हो रहा है।

इंफाल स्थित इतिहासकार वंगम सोमोरजीत बताते हैं कि मणिपुर के इतिहास के राजनीतिक और धार्मिक जीवन में झंडे का सामान्य रूप से महत्व है और इस प्रथा को उसी से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मेतेई समुदाय के लिए मंदिरों में पूजा करने से पहले धार्मिक ध्वज की प्रार्थना करना अहम है। उन्होंने कहा कि विश्वास है कि जो लोग सत्ता चाहते हैं, उन्हें विशेष रूप से ध्वज को सम्मान में रखना चाहिए।

इस तरह के समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पिछले सप्ताह मणिपुर में सिंगजामेई से चुनाव लड़ रहे भाजपा के वाई खेमचंद सिंह के लिए ध्वजारोहण समारोह में शामिल हुए थे।

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