PM Modi Kannauj Rally: प्रधानमंत्री का तंज- बोले- यूपी को नहीं चाहिए गर्वंमेंट ऑफ दा फैमिली, बाय दा फैमिली फॉर दा फैमिली

PM Modi Kannauj Rally: प्रधानमंत्री का तंज- बोले- यूपी को नहीं चाहिए गर्वंमेंट ऑफ दा फैमिली, बाय दा फैमिली फॉर दा फैमिली

कन्नौज, इत्रनगरी में चौथी बार आए प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने कहा कि पहले चरण के मतदान से एक और बात साफ की है कि दो दिन से घोर परिवारवादियों को सपने दिखना बंद हो गए हैं। पता है क्यों, इसलिए कि उनकी नींद हराम हो गई है। वो लोग सोच रहे थे कि जातिवाद और संप्रदायवाद फैलाकर वोटों को बांट देंगे। लेकिन, मुझे खुशी है कि यूपी के लोग माफियावादियों और दंगावादियों के खिलाफ एकजुट होकर वोट कर रहे हैं। ये एकजुटता ही दंगावाद से मुक्ति के पक्ष में है, ये एकजुटता कानून व्यवस्था के पक्ष में है, ये एकजुटता महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के पक्ष में है। वह शनिवार की दोपहर कन्नौज की तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में अन्नूर्पणा मंदिर परिसर मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी हमे कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी है, यूपी जिस तरह से योगी जी की सरकार ने दंगों को रोका है, उसे हमे स्थायी स्वरूप देना है। दोबारा ऐसी हरकतों को उत्तर प्रदेश में पनपने नहीं देना है। कहा, सिर्फ विकास की बातें करने से विश्वास नहीं आता है लेकिन जब नीयत साफ होती है, मेहनत दिन रात होती है, जनता के सुख दुख की चिंता होती है, तभी सामान्य मानवीय के मन में विश्वास पैदा होता है। लेकिन, जिनकी राजनीतिक बुनियाद अपराध, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार पर टिकी हो वो कभी सुधर नहीं सकते हैं। आप देखिए कैसे कैसे उम्मीदवारों को टिकट दिया है, इनके ज्यादातर उम्मीदवार हिस्ट्रीशीटर हैं और उनकी तो हालत ऐसी है कि कई लोग तो जेल से ही चुनाव लड़ रहे हैं। साथियों लोकतंत्र की व्याख्या करते हुए विश्व में एक बात कही जाती है- गर्वंमेंट ऑफ दा पीपुल, बाय दा पीपुल और फॉर दा पीपुल यानी जनता का जनता के लिए और जनता द्वारा शासन। हमारी देश की घोर परिवावादी पार्टियों ने लोकतंत्र के मंत्र को ही बदल दिया। ये लोग क्या कहते हैं- उनका सूत्र क्या है- परिवार का, परिवार के लिए और परिवार द्वारा शासन, गर्वंमेंट ऑफ दा फैमिली, बाय दा फैमिली फॉर दा फैमिली। इसलिए यूपी के लोगों ने फिर ठान लिया है कि अपने परिवार के स्वार्थ में काम करने वाले लोग अब उत्तर प्रदेश में नहीं चाहिये। यूपी के लोगों को तो पब्लिक की सेवा करने वाले लोग चाहिये, परिवार की सेवा करने वाले नहीं। इन घोर परिवारवादियों की कुनीति का गवाह कन्नौज का इत्र कारोबार भी है। इन लोगों ने अपने भ्रष्टाचार से अपने काले कारनामों से यहां के इत्र कारोबार को भी बदनाम किया, इन्होंने इत्र को करप्शन से जोड़ दिया। हम इस इत्र को ग्लोबल ब्रांड बनाने में जुटे हुए हैं, दुनिया में कन्नौज के इत्र का डंका बजे इसके लिए हम काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार हाई वोल्टेज करंट चल रहा है और 10 मार्च के बाद ये अपना अस्तित्व बचाते नजर आएंगे। एक तरफ वो लोग हैं जो परिवारवार, क्षेत्रवाद फैलाया है और दूसरी तरफ वो लोग हैं जिन्होंने राष्ट्रवाद फैलाया है। आज वो हमारी नकल कर रहे हैं, भाजपा न आने पाए इसलिए दूसरे दल से मिल रहे हैं। ओवैसी को हैदराबाद और ममता को बंगाल से बुलाया गया है, सिर्फ मोदी को हराने के लिए। ये सब षड्यंत्र कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्या अखिलेश, मुलायम, मायावती और सोनिया राम लला के दर्शन करने गए, नहीं गए। ये देश के बटवारा करने वाले लोग है। इनका एक ही उद्देश्य है कि भाजपा न आने पाए। एक तरफ बीजेपी है और दूसरी तरफ सभी दल हैं। भाजपा ने कोरोना काल में भी काम किया, इनसे पूछे संकट के समय कहा थे और आज ये घर से निकल रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साथियों पहले की सरकारों के समय उत्तर प्रदेश के जिलों की पहचान कैसे होती है, वो जिला वो माफिया ये जिला वो माफिया, उधर वाला जिला वो बदमाश। जिलों की पहचान ऐसे माफिया से होती थी, पांच साल के भीतर अब योगी जी कीसरकार के समय जिलों की पहचान वहां के उत्पादों से हो रही है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडेक्ट के तहत योगी जी की सरकार ने औरैया के देसी घी को भी अंतराष्ट्रीय पहचान दिलाने में मदद की है, इटावा के बुनकरों द्वारा बनाए उत्पाद देश-विदेश में धूम मचाए इसके लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यूपी में ऐसे उत्पादों को अंतराष्ट्रीय मार्केट में पहुंचाने के लिए भी काम हो रहा है। अबतो बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे भी जल्द तैयार होने वाला है, इसका भी लाभ औरैया इटावा सहित इस पूरे क्षेत्र को होने वाला है। साथियों गांव, गरीब और किसान पशुपालक सभी का जीवन बेहतर बनाने के लिए हम दिन रात काम कर रहे हैं। हमारे यहां पशुधन का क्या महत्व है, ये गोपालकों से बेहतर कौन बता सकता है। बीते वर्षों हमारी सरकार ने गोवर्धन योजना की शुरुआत की, राष्ट्रीय कामधेनु आयोग का गठन किया, डेयर उद्योग के इंफ्रोस्ट्रक्चर के लिए विशेष फंड बनाया। हमने पहली बार पशुपालकों और मछली पालन से जुड़े लोगों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा हमारी सरकार ने दी है।

उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से आज देश में लोगों के टीकाकरण की बहुत चर्चा हो रही है, सबको पता है कि टीकाकरण कितना बड़ा काम है और कितनी मेहनत होती है। लेकिन, एक बात मैं बताता हूं जिसकी बहुत चर्चा नहीं हो रही है। जैसे कोरोना के समय वैक्सीन की चर्चा होती है, हमने आजादी के बाद पहली बार एक काम शुरू किया है, वो पशुओं के लिए टीकाकरण बहुत बड़ा अभियान चलाया है। आजादी के बाद पशुओं के टीकाकरण का ऐसा अभियान देश में पहली बार शुरू हुआ है, इसपर सरकार 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर रही है। पशुओं को मुंहपका और खुरपका बीमारी से निजात दिलाना हमारी प्राथमिकता है। जो काम इनको छोटे लगते हैं, हमे उनमें गरीब की तरक्की का समाधान दिखता है। हमे उसकी चिंता था कि जिसके पास जमीन है नहीं या बहुत कम है, हमे उन बहनों की चिंता थी जिनके लिए पशुपालन आत्मसम्मान का माध्यम है। पशु पालन में जुटे एक बड़े समाज को जिन्हें पिछड़ा कहा गया हमे उनके सम्मान और समृद्धि की चिंता थी। हमे उन पशुओं की चिंता थी जिन्हे बेसहारा और बेअासरा छोड़ दिया जाता है, ऐसे पशुओं के गोबर से भी धन बनाने काम हम विकसित कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में गोबर से भी बायोगैस बनाने और जैविक खाद बनाने वाले बहुत बड़े प्लांट लगाने जा रही है। हमारी सरकार नेचुरल फार्मिंग को भी बढ़ावा दे रही है, ये खेती का वो तरीका है जिसमें खेती पर खर्च न के बराबर होता है और उत्पादन खूब होता है। इसमें हमारे पशुधन की भूमिका है, देश के अनेक राज्यों के किसान नचुरल फार्मिंग कर रहे हैं और पहले से ज्यादा पैसा कमा रहे हैं। जो पशु कुछ लोगों को बोझ लगते हैं और अब वही पशु किसानों की कमाई बढ़ाने में मदद करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले काशी के किसानों से मुलाकात हुई थी। नेचुरल फार्मिंग का ये तरीका यूपी के छोटे किसानों के कितना लाभकारी है, उनका अनुभव सुनकर मुझे बहुत आनंद आया। उन्होंने खेती में क्रांति का काम किया है।

उन्होंने कहा कि एक समय था जब गुजरात में भी ऐसी ही स्थिति थी। कांग्रेस के वर्षों के शासन ने ऐसी स्थितियां बना दी थीं कि न व्यापार फलता फूलता था और न लोग सुरक्षित रहते थे। हर साल अनेक दंगे होते थे, हर रोज खबरें आती थीं कि यहां दंगा हो गया वहां दंगा हो गया। अहमदाबाद में जगन्नाथ जी की यात्रा निकलती है, बीजेपी सरकार आने से पहले वहां बात बात पर दंगा हो जाता था। पतंग चलाने पर दंगा, रास्ते पर आते जाते दंगा यानि हर छोटी बात पर दंगे होते थे। दंगे की वजह से कर्फ्यू लगता था, संपत्ति जलती थी, लोगों को मकान खाली करके भागना पड़ता था। इसके बाद खाली मकानों को सस्ते में खरीदकर उस इलाके की पहचान भी बदल दी जाती थी। इसी प्रकार के दुष्चक्र में गुजरात लंबे अर्से से फंसा हुआ था फिर जनता ने जब बीजेपी को मौका दिया तब स्थितियां बदलना शुरू हो गईं। हमने सबसे बड़ी प्राथमिकता कानून व्यवस्था को दी, कानून के राज को दी। इसका ही नतीजा है कि पिछले दो दशकों से गुजरात में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ है। अब वहां हर वर्ग, हर संप्रदाय के लोग अपने विकास गुजरात के विकास और देश के विकास में जुटे हुए हैं। सभी के प्रयासों से गुजरात भी किस तरह विकास की नई ऊंचाईयों को छू रहा है। कन्नौज के भाइयों बहनों आप मुझे बताइये कि हमें शांति चाहिए की नहीं चाहिए, कानून का राज चाहिए, दंगों से मुक्ति चाहिये, गुंडागर्दी बंद होनी चाहिए, माफियागिरी बंद होने चाहिए, बेटियों को सुख शांति मिलनी चाहिए, व्यापारी सुख शांति से व्यापार करे ऐसी स्थिति चाहिए, ये काम भाजपा सरकार ही कर सकती है, योगी जी की सरकार ही कर सकती है।

पूरा यूपी जानता है कि आएगी तो भाजपा ही आएंगे तो योगी ही, पहले चरण के चुनाव ने ये पक्का कर दिया है। बस अब मुकाबला इस बात का है कि भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी वो पहले से कितनी ज्यादा सीटें लेकर बनेगी इसका मुकाबला चल रहा है। इस मुकाबले में आगे निकलना है तो भाजपा के समर्थकों के लिए एक एक वोट की अहमियत है, योगी जी आज जो फ्रंट फुट पर मोर्चा संभाले हैं उसके पीछे आपके एक एक वोट की ताकत है और आपके समर्थन की ताकत है। हमे मिलकर इस ताकत को और बढ़ाना है।

उत्तराखंड के रुद्रपुर जिले में जनसभा को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सेना के एमआइ-17 हेलीकाप्टर से जनसभा स्थल पर बने हैलीपैड पर उतरे। यहां से कार द्वारा वह जनसभा पंडाल तक पहुंचेंगे और फिर मंच पर गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में शहर के बोर्डिंग मैदान में जनसभा को संबोधित किया था, उस समय वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पहले भी तीन पूर्व प्रधानमंत्री जनसभा कर चुके हैं।

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