नई दिल्ली, प्रियंका के बयान पर उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि वह हिजाब का समर्थन कर महिलाओं की स्वतंत्रता छीनने की बात कर रही हैं। वहीं, कर्नाटक के भाजपा विधायक एमपी रेनुकाचार्य ने कहा कि महिलाओं द्वारा पहनी गई कुछ पोशाकों के कारण दुष्कर्म के मामले बढ़ रहे हैं। हालांकि बाद में उन्होंने महिलाओं से माफी मांगने की बात भी कही।
लालू ने कहा-गृह युद्ध के हालात बन रहे
विहिप ने बताया जिहादी षड्यंत्र
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डा. सुरेन्द्र जैन ने हिजाब विवाद के पीछे जिहादी षड्यंत्र बताया है। कहा कि इसे ‘हिजाब जिहाद’ ही कहा जा सकता है। पीएफआइ जैसे कट्टर इस्लामिक संगठन कर्नाटक में अराजकता फैलाने का बड़ा षड्यंत्र रच रहे हैं। इस्लामिक जगत और टूलकिट गैंग की प्रतिक्रिया से साफ है कि ये अराजकता फैलाने का अवसर नहीं छोड़ना चाहते। कर्नाटक में शाहीन बाग दोहराना चाहते हैं।
मप्र में हिजाब पर प्रतिबंध का प्रस्ताव नहीं
नईदुनिया के अनुसार, मध्य प्रदेश के शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार द्वारा ‘प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध’ लगाने संबंधी बयान के बाद बुधवार को प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हिजाब पर प्रतिबंध लगाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कैबिनेट बैठक में सख्त लहजे में कहा कि मंत्री किसी भी मुद्दे पर विवादित बयान नहीं दें। अपने विभाग से जुड़े मुद्दे पर ही संयमित भाषा में बात करें। सीएम की चेतावनी के बाद शिक्षा मंत्री ने वीडियो जारी कर एक दिन पहले दिए बयान का खंडन किया।
नकवी ने दिया पाक को करारा जवाब
हिजाब विवाद में पाकिस्तान के मंत्रियों की टिप्पणियों का करारा जवाब देते हुए केंद्र में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि भारत की समावेशी संस्कृति को बदनाम करने की साजिश के तहत कुछ लोग ड्रेस कोड के एक फैसले को सांप्रदायिक रंग देना चाहते हैं। अपराध और अत्याचार का जंगल बन चुका पाकिस्तान सहिष्णुता और धर्मनिरपेक्षता पर भारत को उपदेश दे रहा है। दरअसल पाकिस्तान के मंत्रियों शाह महमूद कुरैशी और चौधरी फवाद हुसैन ने हिजाब विवाद पर भारत की आलोचना की थी। कुरैशी ने ट्वीट कर कहा कि मुस्लिम लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखना मौलिक अधिकारों का हनन है। सूचना प्रसारण मंत्री फवाद हुसैन ने कहा कि हिजाब पहनना व्यक्तिगत पसंद है। इस बीच, नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने कहा कि स्कूल में हिजाब पहनने से रोका जाना भयावह है।




