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कभी थे ख़ास दोस्त, आज हैं जान के दुश्मन, पढ़िए राजा भैया और गुलशन यादव के दोस्ती से दुश्मनी तक के सफर की पूरी कहानी

कभी थे ख़ास दोस्त, आज हैं जान के दुश्मन, पढ़िए राजा भैया और गुलशन यादव के दोस्ती से दुश्मनी तक के सफर की पूरी कहानी

लखनऊ , उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कुछ सीटों पर एक दूसरे के खिलाफ ऐसे प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं जो कभी एक दूसरे के खास मित्र हुआ करते थे। उत्तर प्रदेश में ऐसी ही एक विधानसभा सीट है कुंडा जहां पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी गुलशन यादव और जनसत्ता दल के अध्यक्ष और प्रत्याशी रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया आमने सामने हैं।

समाजवादी पार्टी प्रत्याशी गुलशन यादव ने हाल ही में राजा भैया के खिलाफ एक अभद्र टिप्पणी की थी जिसके बाद उनके ऊपर मुकदमा भी दर्ज किया गया है। उस टिप्पणी के बाद गुलशन यादव ने ट्वीट कर राजा भैया और एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह से अपनी जान को खतरा बताया है।

राजा भैया से जान को खतरा: कुंडा से समाजवादी प्रत्याशी गुलशन यादव ने ट्वीट कर लिखा कि, “मैं गुलशन यादव 246 विधानसभा कुंडा से सपा प्रत्याशी हूं। मेरी पत्नी श्रीमती सीमा यादव वर्तमान में चेयरमैन हैं। चुनाव में हार के डर से कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह ,एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह मेरे हत्या की साजिश रच रहे हैं। कभी भी मेरे साथ अप्रिय घटना हो सकती है।”

समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी गुलशन यादव ने अपने ट्वीट में प्रतापगढ़ एसपी के ट्विटर हैंडल और डीजीपी यूपी के ट्विटर हैंडल को भी टैग किया है।

कभी हुआ करते थे खास दोस्त: राजा भैया और गुलशन यादव कभी खास दोस्त हुआ करते थे और गुलशन यादव राजा भैया के खास रणनीतिकारों में से एक थे। प्रदेश में जब मायावती की सरकार थी ,उस वक्त राजा भैया पर पोटा लगाया गया था और इसमें गवाह राजेंद्र यादव थे। गवाह राजेंद्र यादव की हत्या कर दी गई थी जिसका आरोप भी गुलशन यादव पर लगा था। गुलशन यादव जेल में भी गए थे लेकिन सपा सरकार बनने पर जेल से छूट कर बाहर आ गए थे। इसके बाद गुलशन यादव राजा भैया के करीबी बन गए थे।

सपा सरकार के दौरान कुंडा में डीएसपी जिया उल हक की हत्या हुई और इस मामले में राजा भैया के साथ-साथ गुलशन यादव पर भी आरोप लगा था। इसके बाद कुंडा में राजा भैया के करीबी पुष्पेंद्र सिंह पर हमले के मामले में गुलशन यादव को गिरफ्तार भी किया गया था। माना जाता है कि यहीं से राजा भैया और गुलशन यादव में दूरियां बढ़ गई।

गुलशन यादव का जन्म कुंडा के मऊदारा ग्राम सभा में हुआ है और यहीं से वह प्रधान भी बने थे। 2011 में राजा भैया के समर्थन से गुलशन यादव कुंडा नगर पंचायत के चेयरमैन बने थे। 2017 के नगर पालिका चुनाव में चेयरमैन पद के लिए गुलशन यादव ने राजा भैया के प्रत्याशी के खिलाफ अपनी पत्नी सीमा यादव को मैदान में उतारा और सीमा यादव चुनाव जीत गईं।

गुलशन के भाई सपा जिलाध्यक्ष: गुलशन यादव के भाई छविनाथ यादव वर्तमान में समाजवादी पार्टी के प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष हैं और जेल में बंद हैं।

6 बार लगातार विधायक: कुंडा से राजा भैया लगातार छह बार से विधायक बनते आ रहे हैं। 1993 से लेकर 2017 तक राजा भैया ने कुंडा से लगातार जीत दर्ज की है और हर चुनाव में उनके जीत का अंतर भी बढ़ता गया है। समाजवादी पार्टी ने आखिरी बार 2002 में राजा भैया के खिलाफ प्रत्याशी उतारा था। उसके बाद हर चुनाव में समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशी न उतारकर राजा भैया को समर्थन दिया।

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