नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार सभी डाकघर शाखाओं को कोर बैंकिंग सिस्टम नेटवर्क में लाएगी। डाकघर के सभी खाताधारकों को नेटबैंकिंग की सुविधा मिलेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 1.5 लाख डाकघरों को कोर बैंकिंग के दायरे में लाया जाएगा। यह पहल वित्तीय समावेशन और नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम के माध्यम से खातों तक पहुंच को सक्षम करेगा और डाकघर खातों और बैंक खातों के बीच धन का ऑनलाइन हस्तांतरण भी प्रदान करेगा। पोस्ट ऑफिस में एटीएम (ऑटोमेटिक टेलर मशीन) लगेंगे।
उन्होंने कहा कि डाकघर शाखाओं को कोर बैंकिंग सिस्टम में लाने से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायक होगा, जिससे इंटर ट्रांजेक्शन और वित्तीय समावेशन सक्षम हो पाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट अमृत काल के अगले 25 वर्षों का ब्लू प्रिंट है। मौजूदा वर्ष में भारत की आर्थिक ग्रोथ 9.2% रहने का अनुमान है। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में यह सबसे ज्यादा है।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि ब्लॉक चेन और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल कर डिजिटल रुपया जारी किया जाएगा। इसे 2022-23 से आरबीआई द्वारा जारी किया जाएगा। इससे अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि स्किलिंग और आजीविका के लिए डिजिटल इकोसिस्टम लॉन्च किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से नागरिकों को कौशल, कौशल, कौशल प्रदान करना है। प्रासंगिक नौकरियों और अवसरों को खोजने के लिए एपीआई आधारित कौशल क्रेडेंशियल की शुरुआत की जाएगी। नेशनल डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम के लिए भी एक ओपन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार का डिजिटल बैंकिंग को सपोर्ट जारी रहेगा। इसके तहत 75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट भी खोलें जाएंगे। कम से कम लागत में डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने का काम किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि भुगतान में देरी को कम करने के लिए एक ऑनलाइन बिल प्रणाली शुरू की जाएगी। सभी केंद्रीय मंत्रालय इसका इस्तेमाल करेंगे।




