लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब घमासान तेज होने जा रहा है। प्रदेश में आगामी सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों के कई शीर्ष नेता सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रचार करेंगे। इनमें बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अध्यक्ष शरद पवार, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, शिवसेना के मंत्री आदित्य ठाकरे के साथ संजय राउत प्रमुख हैं।
चुनाव आयोग ने कोरोना संक्रमण के कारण यदि रैलियों व जनसभाओं की इजाजत नहीं दी तो ये नेता वर्चुअल रैली के जरिए भाजपा के खिलाफ हमले करते नजर आएंगे। ममता बनर्जी आठ फरवरी को लखनऊ व वाराणसी में सपा के लिए प्रचार कर सकती हैं। वह वर्चुअल रैलियों को भी संबोधित करेंगी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पहले ही बुलंदशहर की अनूपशहर सीट से एनसीपी के नेता केके शर्मा को सपा-एनसीपी गठबंधन का संयुक्त उम्मीदवार घोषित कर चुके हैं।
एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार भी ममता बनर्जी के साथ मौजूद रह सकते हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव पूर्वी यूपी में सपा के समर्थन में प्रचार करेंगे। शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे और संजय राउत प्रदेश में भाजपा के खिलाफ प्रचार करेंगे। सूत्रों के अनुसार झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता हेमंत सोरेन भी सपा के समर्थन में प्रचार कर सकते हैं। हेमंत ने बंगाल विधान सभा में टीएमसी के समर्थन में भी प्रचार किया था।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में सात चरणों में विधानसभा चुनाव होना है। 10 फरवरी को पहले चरण में पश्चिम उत्तर प्रदेश के 11 जिलों की 58 सीटों पर, दूसरा चरण 14 फरवरी को 9 जिलों की 55 सीटों पर, 20 फरवरी को तीसरे चरण में 16 जिलों की 59 सीटों पर मतदान होगा। चौथे चरण में मतदान 23 फरवरी को लखनऊ सहित 9 जिलों की 60 सीटों पर होगा। पांचवें चरण में 27 फरवरी को 11 जिलों की 60 सीटों पर, छठे चरण में 3 मार्च को 10 जिलों की 57 सीटों पर और सातवें और अंतिम चरण का मतदान 7 मार्च को 9 जिलों की 54 सीटों पर किया जाएगा। 10 मार्च को मतों की गिनती होगी।




