Uttarakhand Election 2022: हरक सिंह रावत और उनकी बहू अनुकृति गुसाईं कांग्रेस में शामिल, हरीश रावत समेत कई नेता रहे मौजूद

Uttarakhand Election 2022: हरक सिंह रावत और उनकी बहू अनुकृति गुसाईं कांग्रेस में शामिल, हरीश रावत समेत कई नेता रहे मौजूद

देहरादून, आखिरकार भाजपा से निकाले जाने के छह दिन के लंबे इंतजार के बाद पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत अपनी पुत्रवधु अनुकृति गुसाईं रावत के साथ कांग्रेस में वापस आ गए। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की नाराजगी के चलते लग रहा अड़ंगा दूर हो गया। दिल्ली में उनके कांग्रेस में शामिल होने के मौके पर हरीश रावत भी मौजूद रहे। इस मौके पर हरक सिंह ने कहा कि 2016 में कांग्रेस सरकार से बगावत दुर्भाग्यपूर्ण थी। वह बगैर शर्त पार्टी में शामिल हुए हैं। अब कांग्रेस को सत्ता में लाना ही उनका लक्ष्य है। बताया जा रहा है कि पार्टी उनकी पुत्रवधु अनुकृति को लैंसडौन से टिकट दे सकती है।

हरक सिंह रावत बीते रविवार से कांग्रेस में शामिल होने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। उनके कांग्रेस में शामिल होने की जानकारी मिलने पर बीते रविवार को ही भाजपा ने उन्हें कैबिनेट मंत्री पद से बर्खास्त कर पार्टी की सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। कांग्रेस में उनकी वापसी में तब पेच फंस गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने उनके विरोध में मोर्चा खोल दिया। 2016 में उनकी सरकार को संकट में डालने में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री के रूप में हरक सिंह रावत ने बड़ी भूमिका निभाई थी।

एक लाख बार माफी मांगने को तैयार

हरीश रावत तब से ही हरक सिंह से खफा हैं और उनके साथ बगावत करने वालों को उज्याड़ू बल्द (खेत में फसल को नष्ट करने वाला बैल) कहकर संबोधित करते रहे हैं। यह हरीश रावत की नाराजगी ही थी कि उनकी घर वापसी में करीब एक हफ्ता लग गया। रावत ने कहा था कि हरक को कांग्रेस सरकार गिराने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इसके बाद हरक ने कहा कि हरीश रावत उनके बड़े भाई हैं। वह उनसे एक लाख बार माफी मांगने को तैयार हैं।

हरीश को मनाने में सफल रहे हरक

सूत्रों के अनुसार हरीश रावत की नाराजगी इससे भी दूर नहीं हुई। इसके बाद प्रदेश में कांग्रेस के भीतर कई विधायकों, पूर्व विधायकों और पूर्व मंत्रियों ने हरक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। दरअसल हरीश रावत को पार्टी ने उत्तराखंड में पांचवें विधानसभा चुनाव अभियान की बागडोर सौंपी हुई है। ऐसे में पार्टी ने उनके नाराज रहते हरक की वापसी को फंसाए रखा। पार्टी हाईकमान ने यह जिम्मेदारी प्रदेश के नेताओं पर ही डाल दी थी। छठे दिन हरक सिंह पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को मनाने में कामयाब रहे। उन्होंने पार्टी में शामिल होने के बाद पहला बयान वही दिया, जो हरीश रावत को सुहा सकता था।

हरक को टिकट पर नहीं खोले पत्ते

शुक्रवार दोपहर उन्हें दिल्ली में कांग्रेस के रकाबगंज स्थित वार रूम में बुलाया गया। वहां उन्होंने अपनी पुत्रवधू के साथ कांग्रेस की सदस्यता ली। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, प्रदेश स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष अविनाश पांडेय, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, सह प्रभारी दीपिका पांडेय सिंह व राजेश धर्माणी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार पार्टी उनकी पुत्रवधू को लैंसडौन से चुनाव लड़ाने पर राजी है, उन्हें टिकट मिलेगा या नहीं, इस पर पत्ते नहीं खोले गए हैं।

कहा, राजनीति में नहीं होता कोई माफीनामा

मीडिया से बातचीत में हरक सिंह ने कहा कि वह कांग्रेस में गिलहरी के रूप में काम करेंगे। उन्होंने पार्टी के लिए 20 वर्षों तक काम किया है। उनका लक्ष्य प्रदेश का विकास है। बतौर कार्यकर्त्ता वह काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में कोई माफीनामा नहीं होता। सूत्रों की मानें तो पार्टी हरक को भी किसी सीट पर रणनीतिक तौर पर चुनाव मैदान में उतार सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Popular

More like this
Related

Unlocking a Realm Beyond Gamstop Where Opportunities Flourish

Exploring Non Gamstop Adventures: A Gambling Frontier ...

Betoverende spanning met maar 10 euro in online casino’s

Spannende weddenschappen met slechts 10 euro in online casino's ...

Олимп Казино – 2026 Казахстан Ставки на спорт и Olimp Casino

Олимп Казино - 2026 Казахстан Ставки на спорт и...

Betify Casino – Avis & Bonus exclusif (2026)

Betify Casino - Avis & Bonus exclusif (2026) ...