देहरादून. उत्तराखंड विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Assembly Elections 2022) का शंखनाद हो चुका है. ऐसे में प्रदेश में चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए विशेष तौर से तैयारियां की जा रही हैं. वहीं राज्य के बर्फीले और दुर्गम क्षेत्र के लोग भी आसानी से वोट डाल सकें, इसके लिए भी काफी सराहनीय कदम उठाए गए हैं. उत्तरखंड के बर्फीले क्षेत्र में रहने वाले मजदूरों को वोट डालने के लिए हेलीकॉटर की सुविधा दी जा रही है. ये मजदूर पहली बार हेलीकॉप्टर से वोट डालने जाएंगे. बता दें कि भारत-चीन सीमा पर बन रही सड़कों में काम कर रहे करीब सौ मजदूरों को भारी बर्फबारी के चलते बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन (बीआरओ) ये सुविधा देगा. बीआरओ के अफसरों का कहना है कि उनकी कोशिश हर श्रमिक को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की है.
बर्फ के चलते पैदल चलना भी हो जाता है मुश्किल
मालूम हो कि पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में 3400 मीटर की ऊंचाई पर मिलम-लास्पा में बड़ी संख्या में श्रमिक भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं. मुनस्यारी से करीब 54 किमी दूर लास्पा में 6 फीट से अधिक हिमपात हुआ है. मतदान की तारीख तक भी बर्फ से ढके पैदल मार्गों के खुलने के कोई आसार नहीं हैं. बताया जा रहा है कि 15 से 31 किलोमीटर तक रास्तों में कई जगह बर्फ जमी है. ऐसे में पैदल आवाजाही मुश्किल है. इन हालातों को देखते हुए बीआरओ ने अपने श्रमिकों को हेलीकॉप्टर से मतदान केंद्रों तक पहुंचाने का फैसला लिया है. इससे स्थानीय लोगों में काफी खुशी का माहौल है. उत्तरकाशी में बीआरओ के मेजर वीएस वीनू ने बताया कि अधिकांश रूट खुले हैं. आवाजाही की दिक्कत नहीं है. यदि किसी श्रमिक को वोटिंग के लिए अवकाश की जरूरत होगी, तो उसे अवश्य छुट्टी दी जाएगी.
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022
गौरतलब है कि 14 फरवरी को उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. कुल 70 विधानसभा सीटों पर होने वाले इस चुनाव के लिए इस बार आम आदमी पार्टी ने भी ताल ठोकी है. उत्तराखंड में कुल 81 लाख 43 हजार 922 वोटर्स हैं, जिनके वोट को लेकर भाजपा और कांग्रेस इस चुनाव में मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टियां हैं. प्रदेश में चुनाव कोरोना नियमों का पालन करते हुए सम्पन्न कराएं जाएंगे. चुनाव आयोग ने कोरोना को लेकर खास दिशा निर्देश जारी किए हैं.




