देहरादून, उत्तराखंड समेत पांच राज्यों उत्तर प्रदेश (UP Chunav 2022), पंजाब (Punjab Chunav 2022), गोवा (Goa Chunav 2022) और मणिपुर (Manipur Chunav 2022) के विधानसभा चुनाव को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। चुनाव आयोग ने तारीखों का एलान कर दिया है, जिसके तहत उत्तराखंड की सभी सीटों पर एक साथ चुनाव होंगे। चुनाव दूसरे फेज में आयोजित किए जाने हैं।
यहां देखें चुनाव का पूरा कार्यक्रम
- 21 जनवरी- अधिसूचना होगी जारी।
- 28 जनवरी- नामांकन की अंतिम तिथि।
- 29 जनवरी- नामांकन की छंटनी।
- 31 जनवरी- नामांकन वापसी की अंतिम तारीख।
- 14 फरवरी- मतदान।
- दस मार्च- परिणाम होंगे घोषित।
देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चन्द्रा ने हाल ही में जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव 2022 होना है, वहां की स्थितियों का जायजा लिया और चुनाव की तैयारियों को परखा। आयोग ने कोरोना और ओमिक्रान संक्रमण पर भी स्वास्थ्य मंत्रालय से रिपोर्ट ली। पांच राज्यों में मतदाता सूची फाइनल होने के बाद आयोग ने बैठक कर तारीखों का एलान किया।
मतदाताओं को मिलेगा एक घंटा और
उत्तराखंड में वोट डालने के लिए मतदाताओं को एक घंटे का अतिरिक्त समय मिलेगा। मतदान अब सुबह आठ से शाम छह बजे तक चलेगा। पहले इसकी समयावधि सुबह आठ से शाम पांच बजे तक नियत थी। चुनाव की तैयारियां परखने राज्य के दौरे पर आए मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने यह एलान किया था। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के पीछे मंशा यही है कि विषम भूगोल वाले इस राज्य में लोग अधिक से अधिक मताधिकार का प्रयोग कर सकें। आयोग का लक्ष्य इस बार मतदाताओं को जागरूक कर मतदान प्रतिशत बढ़ाना भी है।
राज्य में 81.43 लाख मतदाता
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि पांच जनवरी को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची के अनुसार राज्य में 81.43 लाख मतदाता हैं। इस वर्ष इसमें 1.98 लाख नए महिला और 1.06 लाख पुरुष मतदाता जुड़े हैं। 18 से 19 वर्ष की आयु के मतदाताओं की संख्या 1.10 लाख है, जबकि 80 वर्ष से अधिक आयु के 1.43 लाख मतदाता हैं। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 66648 हो गई है, जबकि सर्विस मतदाता 93935 हैं।
एक बूथ पर करीब 700 मतदाता
उन्होंने कहा कि राज्य में अभी तक एक पोलिंग बूथ पर अधिकतम 1500 वोटर का मानक था, जिसे अब 1200 किया गया है। इस क्रम में 623 नए बूथ बनाए गए हैं और यहां कुल पोलिंग बूथ की संख्या 11447 हो गई है। इस हिसाब से प्रत्येक बूथ पर वोटर की संख्या 700 के लगभग आएगी। प्रत्येक बूथ पर पानी, बिजली, शौचालय, शेड जैसी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के बूथ भी सुविधाओं से सुसज्जित करने को कहा गया है।



