नई दिल्ली, एक एप के जरिये मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाने को लेकर मचे बवाल के बीच वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि देश की मिली-जुली संस्कृति के खिलाफ कोई भी ‘साइबर आपराधिक सांप्रदायिक साजिश’ सफल नहीं होगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले में कार्रवाई कर रही है और महिलाओं को इस तरह निशाना बनाना अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और उनकी ‘सांप्रदायिक साजिश’ का जल्द भंडाफोड़ किया जाएगा।
‘गिटहब’ ने किया यूजर को ब्लाक
कम-से-कम सौ प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें ‘बुल्ली बाई’ एप पर ‘नीलामी’ के लिए अपलोड किए जाने पर मचे बवाल के बाद सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा था कि मेजबान प्लेटफार्म ‘गिटहब’ ने यूजर को ब्लाक करने की पुष्टि की है। कंप्यूटर आपदा प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी) और पुलिस अधिकारी आगे की कार्रवाई के लिए समन्वय कर रहे हैं।
मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाने का आरोप
नकवी ने कहा कि नापाक मंसूबे रखने वाले कुछ लोग भारत को बदनाम करने की साजिश में शामिल हैं, लेकिन देश ऐसे तत्वों को कभी उनके बुरे कृत्यों में सफल नहीं होने देगा। आरोप है कि इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय मुस्लिम महिलाओं को पिछले कुछ समय से निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें चुप कराने के लिए इंटरनेट मीडिया पर उनके खिलाफ अपमाजनक टिप्पणियां की जा रही हैं।
सुल्ली डील्स के समय भी उठा था विवाद
‘बुली बाई’ एप पर तस्वीरें अपलोड करने की घटना पिछले वर्ष जुलाई में ‘सुल्ली डील्स’ पर तस्वीरें अपलोड़ करने के समान है। दोनों एप एक जैसा ही काम करते हैं। एप को खोलने पर एक मुस्लिम महिला की तस्वीर बुली बाई के तौर पर सामने आती है। ट्विटर पर अधिक फालोवर वाली मुस्लिम महिलाएं जिनमें पत्रकार भी शामिल है, उन्हें चुन कर उनकी तस्वीरें अपलोड की गई हैं। पिछले वर्ष सुल्ली डील्स एप पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों के दुरुपयोग के मामले में दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस ने दो एफआइआर दर्ज की थीं लेकिन अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।




