नई दिल्ली, सरकार ने लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र बढ़ाने की ओर कदम बढ़ाया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, कैबिनेट ने लड़कियों की उम्र 18 साल से बढ़ाकर 21 साल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एक साल पहले केंद्र की टास्क फोर्स ने नीति आयोग को एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें इसकी सिफारिश की गई थी। टास्क फोर्स की प्रमुख जया जेटली का कहना है कि शादी की उम्र बढ़ाने का मकसद महिलाओं का सशक्तिकरण करना है। उनका मानना है कि महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए उनकी उचित समय पर शादी होनी चाहिए। आइए जानते हैं कि अधिक उम्र में होने वाली शादी के फायदे-
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि शादी के कारण आपकी पढ़ाई में किसी तरह की कोई बाधा नहीं आती है। अक्सर देखा गया है कि 18 साल की उम्र तक लड़कियों की ग्रेजुएशन भी पूरी नहीं हो पाती और उनकी शादी कर दी जाती है। शादी की जिम्मेदारियों की वजह से या तो उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ती है या फिर घर और पढ़ाई को एकसाथ मैनेज करना पड़ता है, जो बेहद मुश्किल है।
ज्यादा उम्र में शादी का दूसरा फायद ये है कि आपको अपने सपने पूरे करने के लिए काफी समय मिल जाता है। ऐसा नहीं है कि शादी इसमें कोई बाधा बन जाती है, लेकिन जिम्मेदारियां इतनी बढ़ जाती हैं कि अपनी महत्वकांक्षाओं को पूरा करने में समय थोड़ा ज्यादा
जल्दी शादी के कारण कई बार आर्थिक प्रगति की वो संभावना कम हो जाती है जो कि अकेले रहने पर आसानी से हासिल की जा सकती है। इसके अलावा देरी से शादी करने से इंसान को अपने परिवार और खुद को इमोशनली स्टेबल करने का समय मिल जाता है।
18 साल की उम्र में उतनी ज्यादा मैच्योरिटी नहीं आ पाती है, जितनी शादी के लिए जरूरी होती है। ऐसे में कई बार रिश्ते निभाने में थोड़ी दिक्कत आती है। वहीं, ज्यादा उम्र में की गई शादी में मैच्योरिटी के साथ रिश्तों को ज्यादा बेहतर तरीके से चलाया जा सकता है।




