सैन्य धाम : शहीदों के आंगन की मिट्टी से रखी बुनियाद, अमर जवान ज्योति की नींव तक जाएगी ये मिट्टी

सैन्य धाम : शहीदों के आंगन की मिट्टी से रखी बुनियाद, अमर जवान ज्योति की नींव तक जाएगी ये मिट्टी

देहरादून. चार धामों की धरती कहे जाने वाले उत्तराखंड में शहीदों के सम्मान में सैन्य धाम का शिलान्यास बुधवार को देहरादून में संपन्न हुआ. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य के पांचवे धाम की बुनियाद रखी. सैन्य धाम के कार्य के शुभारंभ के लिए उस मिट्टी का इस्तेमाल किया गया, जो उत्तराखंड के 1736 शहीद परिवारों के आंगन से लाई गई. इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि शहीद वही होता है, जो निडर होता है और निजी स्वार्थ की भावना से परे होकर देश के लिए जीता है. वहीं, राजनाथ के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर जनरल बिपिन रावत को एक बार फिर श्रद्धांजलि दी.

सैन्य धाम के शिलान्यास के मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड की वीरता की महान परंपरा के वाहक थे और उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन और अमूल्य योगदान दिया. उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा. जनरल बिपिन रावत को याद करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने उनसे जुड़े कुछ संस्मरण सुनाते हुए कहा कि रावत हमेशा उत्तराखंड की भूमि के लिए चिंतित रहते थे और राज्य के उत्थान के लिए बहुत कुछ करना चाहते थे. उनके सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी.

एक नज़र में सैन्य धाम
– 1734 वीर शहीदों के परिवारों के आंगन की मिट्टी से हुआ शिलान्यास/भूमिपूजन
– देहरादून के गुनियालगांव में लगभग 50 बीघा भूमि पर बनेगा सैन्यधाम
– 63 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण
– सेना में पूजनीय बाबा हरभजन सिंह और जसंवत सिंह के मंदिर होंगे
– अमर जवान ज्योति की बुनियाद में रखी जाएगी शहीदों के आंगन की मिट्टी
– मुख्य प्रवेश द्वार का नाम जनरल बिपिन रावत को समर्पित होगा

राजनाथ सिंह ही करेंगे सैन्य धाम का लोकार्पण!
बीते 15 नवंबर से राज्य के प्रत्येक जनपद और ब्लॉक में शहीद सम्मान यात्रा निकाली गई, जिसका समापन 15 दिसंबर को सैन्य धाम के शिलान्यास और भूमिपूजन के साथ हुआ. इस कार्यक्रम में धामी ने कहा कि राजनाथ सिंह से जब आग्रह किया गया था कि इस कार्यक्रम का शुभारंभ और समापन वही करेंगे तो उन्होंने इसे सहर्ष स्वीकार किया. इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी विशेष रूप से मौजूद थे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Popular

More like this
Related